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होर्मुज पर जारी गतिरोध बढ़ा

नई दिल्ली। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर जारी गतिरोध शनिवार को और बढ़ गया। एक ओर जहां ईरान ने इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को दोबारा खोलने संबंधी अपने फैसले को वापस लेते हुए वहां से गुजरने की कोशिश कर रहे जहाजों पर गोलीबारी की, वहीं दूसरी ओर अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी करने के अभियान को जारी रखा।

इस महत्वपूर्ण सामरिक जलमार्ग को लेकर बनी असमंजस की स्थिति ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर रहे ऊर्जा संकट के और गहराने और दोनों देशों को फिर से संघर्ष की ओर धकेलने का खतरा पैदा कर दिया है, जबकि मध्यस्थ इस बात पर विश्वास जता रहे थे कि एक नया समझौता हो सकता है। ईरान की संयुक्त सैन्य कमान ने शनिवार को कहा कि ‘‘होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण पहले जैसी स्थिति में लौट आया है… सशस्त्र बलों के सख्त प्रबंधन और नियंत्रण में।’’

इसने चेतावनी दी कि जब तक ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी प्रभावी रहेगी, तब तक वह जलडमरूमध्य में आवागमन को अवरुद्ध करना जारी रखेगा। ब्रिटेन की सेना ने शनिवार को कहा कि ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड की दो ‘गनबोट’ ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजर रहे एक टैंकर पर गोलीबारी की।
‘यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशन सेंटर’ ने कहा कि टैंकर को कोई नुकसान नहीं हुआ और चालक दल के सदस्य सुरक्षित हैं।ब्रिटेन की सेना ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य के निकट एक मालवाहक जहाज पर हमला किया गया।

ईरान के रिवॉल्यूशनरी गार्ड की गोलीबारी की खबरों के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य में दो भारतीय जहाजों को अपना मार्ग बदलना पड़ा। ‘टैंकरट्रैकर्सडॉट कॉम’ ने बताया कि इन जहाजों में भारतीय ध्वज वाला एक सुपर टैंकर भी शामिल है, जो इराक से 20 लाख बैरल तेल ले जा रहा है। ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने संबंधी फैसले को लेकर तुरंत पलटी मारते हुए शनिवार को इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग पर दोबारा प्रतिबंध लगा दिये।

ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने कहा कि जलडमरूमध्य ‘‘पहले जैसी स्थिति में लौट रहा है’’। फैसले में यह बदलाव ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची द्वारा जलडमरूमध्य को खुला घोषित करने के एक दिन बाद आया। इजराइल और लेबनान के चरमपंथी संगठन हिज्बुल्ला के बीच 10 दिन के संघर्षविराम की घोषणा की गई थी।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले तो जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर इसी तरह का रुख अपनाया था, लेकिन बाद में कहा कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम समेत किसी भी मुद्दे पर समझौता होने तक ईरान चाहे जो भी करे, अमेरिकी नाकेबंदी ‘‘पूरी तरह से लागू रहेगी’’। होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ने के बावजूद, पाकिस्तानी अधिकारियों का कहना है कि अमेरिका और ईरान 22 अप्रैल की युद्धविराम समय सीमा से पहले एक समझौते के करीब पहुंच रहे हैं।

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By NI Desk

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