नई दिल्ली। आवारा कुत्तों के काटने से रेबिज के बढ़ते मामले और बच्चों की मौत पर सुप्रीम कोर्ट संज्ञान लेकर सुनवाई कर रही है। इस मामले में राज्यों के रवैए को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नाराजगी जताई है। सर्वोच्च अदालत ने शुक्रवार को आवारा कुत्तों से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को अदालत में पेश होने का आदेश दिया है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को निजी रूप से पेश होने से छूट देने की याचिका खारिज कर दी। जस्टिस विक्रम नाथ ने कहा, ‘जब हम मुख्य सचिवों से हलफनामा दाखिल करने के लिए कहते हैं, तो वे इस पर चुप्पी साधे रहते हैं। हमारे आदेश का कोई सम्मान नहीं है। तो ठीक है, उन्हें आने दीजिए। हम उनसे निपट लेंगे’।
गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट ने मुख्य सचिवों को तीन नवंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया है। इससे पहले 27 अक्टूबर को कोर्ट ने पश्चिम बंगाल और तेलंगाना को छोड़ सभी राज्यों के मुख्य सचिवों से जवाब मांगा था। ध्यान रहे सुप्रीम कोर्ट आवारा कुत्तों के काटने से होने वाले रेबीज के बारे में एक मीडिया रिपोर्ट पर संज्ञान लेते 28 जुलाई से मामले की सुनवाई कर रहा है। 22 अगस्त को हुई पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों से जुड़े केस का दायरा दिल्ली और एनसीआर से बढ़ाकर पूरे देश में कर दिया था और सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इसमें पार्टी बनाने का निर्देश दिया था।


