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शंकराचार्य और योगी सरकार में टकराव बढ़ा

प्रयागराज। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को प्रयागराज प्रशासन ने दूसरा नोटिस भेजा है और पूछा है कि क्यों नहीं उनको हमेशा के लिए माघ मेले में हिस्सा लेने से प्रतिबंधित कर दिया जाए। इतना ही नहीं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिना नाम लिए उनके ऊपर हमला किया है और उनकी तुलना रामाय़ण के कालनेमि से की। हालांकि उत्तर प्रदेश सरकार के उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने कहा है कि वे स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के चरणों में प्रणाम करते हैं और प्रार्थना करते हैं कि वे स्नान करके अपना अनशन समाप्त करें।

गौरतलब है कि रविवार को मौनी अमावस्या के दिन स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद की पालकी रोक दी गई थी और उनके पैदल ही स्नान के लिए जाने को कहा गया था। उसके बाद उनके शिष्यों से मारपीट भी की गई थी। बाद में प्रशासन ने उनको नोटिस भेज कर पूछा कि उनके शंकराचार्य होने का मामला विवादित है तो वे क्यों अपने नाम के साथ शंकराचार्य लगा रहे हैं। इसके बाद दूसरे नोटिस में मौनी अमावस्या के दिन बैरियर तोड़ने और जबरन भीड़ में बग्घी घुसाने को लेकर सवाल हैं। उनसे पूछा गया है कि क्यों न उनको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए?

प्रशासन के दूसरे नोटिस पर भी स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने जवाब भेज दिया है। उन्होंने इसे लेकर गुरुवार को कहा है, ‘अभी मेरा मौनी अमावस्या का स्नान नहीं हुआ है, तो मैं बसंत का स्नान कैसे करूंगा? पहले मौनी अमावस्या का स्नान करूंगा, तभी दूसरा स्नान करूंगा’। उधर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अविमुक्तेश्वरानंद का बिना नाम लिए कहा, ‘किसी को परंपरा बाधित करने का हक नहीं। ऐसे तमाम कालनेमि हैं, जो धर्म की आड़ में सनातन धर्म को कमजोर करने की साजिश रच रहे हैं। हमें ऐसे लोगों से सतर्क रहना होगा। संन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ नहीं होता’

By NI Desk

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