चंडीगढ़। पंजाब में भगवंत मान सरकार के सामने कोई खतरा नहीं था लेकिन शुक्रवार को विधानसभा का एक विशेष सत्र बुला कर सरकार ने विश्वास मत हासिल किया। सरकार के समर्थन में 88 वोट पड़े। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के पास पंजाब की 117 सदस्यों की विधानसभा में 94 विधायक हैं। विश्वास मत पर चर्चा में छह विधायक गैरहाजिर रहे, जिनमें से दो जेल में हैं और चार किसी अन्य कारण से नहीं आए।
सदन में वोटिंग के दौरान कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल के विधायक मौजूद नहीं रहे। इससे पहले मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि वे विधानसभा की कार्यवाही की कॉपी राष्ट्रपति के पास लेकर जाएंगे। गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी के सात राज्यसभा सांसदों ने पार्टी छोड़ कर भाजपा ज्वाइन कर ली है। इनमें से छह सांसद पंजाब के हैं। मुख्यमंत्री राष्ट्रपति से मांग कर रहे हैं कि इन सांसदों की सदस्यता रद्द की जाए।
बहरहाल, विधानसभा की कार्यवाही के दौरान उस वक्त हंगामा हो गया, जब नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने स्पीकर को पत्र देकर सीएम और सभी विधायकों का डोप टेस्ट कराने की मांग की। स्पीकर ने इस मांग को ठुकरा दिया। कार्यवाही के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कांग्रेस विधायकों पर कमेंट किया कि वे सदन में मोबाइल यूज कर रहे हैं। इसके बाद कांग्रेस के विधायक सुखपाल खैहरा के बैठने के तरीके पर भी विवाद हुआ। इस दौरान खैहरा ने मुख्यमंत्री पर आपत्तिजनक टिप्पणी की। इस पर हंगामा हो गया। इसके बाद कांग्रेस विधायक सदन से वॉकआउट कर गए।
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