मुंबई। शेयर बाजार में पहले भी गिरावट होती रही है लेकिन संभवतः पहली बार ऐसा हो रहा है कि एक महीने में अनेक सकारात्मक खबरों के बावजूद शेयर बाजार में चार बार बड़ी गिरावट हुई थी। तीन बार तो गिरावट एक हजार से ज्यादा अंक की रही है। एक फरवरी को बजट के दिन तो बाजार डेढ़ हजार अंक तक गिरा था। मंगलवार, 24 फरवरी को फिर शेयर बाजार में एक हजार से ज्यादा अंकों की गिरावट हुई।
बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई के 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक मंगलवार को 1,069 अंक यानी 1.28 फीसदी गिर कर 82,226 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी करीब 288 अंक यानी 1.12 फीसदी की गिरावट रही। ये 25,425 के स्तर पर बंद हुआ। मंगलवार के कारोबार में आईटी और ऑटो शेयरों में बिकवाली रही। आईटी शेयरों में आई गिरावट की वजह से ही बाजार दबाव में रहा। इन शेयरों में गिरावट की वजह एंथ्रोपिक के ‘क्लॉड कोड’ टूल का नया अपडेट है। इसे हर तरह के सॉफ्टवेयर खास कर बैंकिंग और बिजनेस में इस्तेमाल होने वाले सॉफ्टवेयरों को खत्म करने वाला माना जा रहा है।
बीएसई में मंगलवार को गिरावट इस तथ्य के बावजूद हुई कि एशिया के सभी शेयर बाजारों में मंगलवार को तेजी रही। जापान का निक्केई इंडेक्स 0.89 चढ़ कर 57,321 पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.11 फीसदी ऊपर गया तो हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.82 फीसदी बढ़ा। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स भी 0.87 बढ़कर 4,117 पर बंद हुआ।


