इम्फाल। पिछले छह महीने से ज्यादा से जातीय हिंसा में फंसे मणिपुर में रविवार को उड़ती अज्ञात वस्तु यानी एनआईडेंटिफायड फ्लाइंग ऑब्जेट, यूएफओ देखी गई। यूएफओ की वजह से रविवार को इम्फाल हवाईअड्डे पर लैंडिंग नहीं हो सकी और कई नियमित उड़ानों को डायवर्ट किया गया। बताया जा रहा है कि यूएफओ देखे जाने की सूचना मिलने के तुरंत बाद भारतीय वायु सेना ने अपना राफेल लड़ाकू विमान उनकी तलाश में रवाना किया। एयर डिफेंस रिस्पॉन्स मैकेनिज्म को भी सक्रिय किया गया है।
उड़ती अज्ञात वस्तु यानी यूएफओ रविवार दोपहर करीब ढाई बजे इम्फाल हवाईअड्डे के ऊपर देखी गई, जिसके बाद कई उड़ानों पर असर पड़ा। रक्षा सूत्रों के हवाले से मीडिया में आई खबरों के मुताबिक- इम्फाल हवाईअड्डे के पास यूएफओ के बारे में खबर मिलने के तुरंत बाद नजदीकी एयरबेस से एक राफेल लड़ाकू विमान को यूएफओ की तलाश के लिए भेजा गया। उन्होंने बताया कि अत्याधुनिक सेंसरों से लैस विमान ने यूएफओ की तलाश के लिए संदिग्ध क्षेत्र में काफी नीचे उड़ान भरी, लेकिन उसे वहां कुछ नहीं मिला।
रक्षा सूत्रों ने बताया कि पहले विमान के लौट आने के बाद एक और राफेल लड़ाकू विमान भेजा गया था, लेकिन पूरे इलाके में कहीं कोई यूएफओ नहीं दिखा। बताया जा रहा है कि संबद्ध एजेंसियां यूएफओ के बारे में विस्तार से जानकारी पाने की कोशिश कर रही हैं, क्योंकि इम्फाल हवाईअड्डे पर यूएफओ के वीडियो सामने आए हैं। इम्फाल हवाई अड्डे से उड़ानों को मंजूरी मिल जाने के तुरंत बाद वायु सेना की शिलॉन्ग मुख्यालय वाली पूर्वी कमान ने कहा कि उन्होंने एयर डिफेंस रिस्पॉन्स मैकेनिज्म को सक्रिय कर दिया है।
इस बीच पूर्वी कमान ने ट्विटर) पर एक पोस्ट में कहा है- आईएफ ने इम्फाल हवाईअड्डे से मिले विजुअल इनपुट के आधार पर अपने एयर डिफेंस रिस्पॉन्स मैकेनिज्म को सक्रिय किया था। उसके बाद वह छोटी-सी वस्तु नहीं दिखी। भारतीय वायु सेना के राफेल लड़ाकू विमानों को पश्चिम बंगाल के हाशीमारा एयरबेस पर तैनात किया गया है और वे पूर्वी क्षेत्र के विभिन्न हवाईअड्डों से चीन सीमा के साथ-साथ उड़ान भरते रहते हैं।
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