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कांग्रेस मुस्लिम आरक्षण करेगी

Narendra Modi

जयपुर। देश की संपत्ति लोगों से छीन कर मुसलमानों को देने की योजना का आरोप कांग्रेस पर लगाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अब कहा है कि कांग्रेस दलितों, आदिवासियों का आरक्षण छीन कर मुसलमानों को देना चाहती है। उन्होंने टोंक सवाईमाधोपुर लोकसभा क्षेत्र में एक रैली में आरोप लगाया है कि कांग्रेस दलित और आदिवासियों का आरक्षण कम करके मुसलमानों को आरक्षण देना चाहती है। इससे पहले राजस्थान के ही बांसवाड़ा की रैली में प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया था कि कांग्रेस ने अपने घोषणापत्र में कहा है कि वह देश के लोगों की संपत्ति, घर, सोना, चांदी,मंगल सूत्र आदि लेकर ‘ज्यादा बच्चों वालों को’ और ‘घुसपैठियों’ को दे देगी।

गौरतलब है कि राजस्थान की 12 सीटों पर लोकसभा का चुनाव हो गया है और बाकी बची हुई 13 सीटों पर दूसरे चरण में 26 अप्रैल को मतदान होगा। इसके लिए बुधवार की शाम को प्रचार बंद हो जाएगा। इससे पहले मंगलवार को भाजपा की एक रैली में प्रधानमंत्री ने एक बार फिर कहा है कि देश में आरक्षण कभी खत्म नहीं होगा। उन्होंने टोंक सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट के उनियारा में एक सभा में कांग्रेस पर हमला किया और कहा कि कांग्रेस पार्टी की सोच हमेशा से तुष्टिकरण की राजनीति की रही है। वो दलित, आदिवासियों को मिले आरक्षण को कम करके मुसलमानों को देना चाहती है।

प्रधानमंत्री ने कहा- केंद्र में सरकार बनने के बाद 2004 में कांग्रेस ने सबसे पहले आंध्र प्रदेश में एससी और एसटी के आरक्षण में कमी करके मुसलमानों को आरक्षण देने की कोशिश की थी। ये एक पायलट प्रोजेक्ट था, जिसे बाद में पूरे देश में लागू करने की प्लानिंग थी, लेकिन कानूनी बाधा और सुप्रीम कोर्ट की वजह से मंसूबे कामयाब नहीं हो सके। इसके बाद 2011 में फिर से देश में इसे लागू करने की कोशिश हुई। उन्होंने कहा- कांग्रेस ने संविधान की परवाह नहीं की, लेकिन हमने ऐसा नहीं होने दिया। क्या कांग्रेस अब देश की जनता से वादा करेगी कि वो उस आरक्षण को मुसलमानों में नहीं बांटेगी।

कांग्रेस पर हमला करते हुए मोदी ने कहा- यदि 2014 के बाद भी कांग्रेस होती तो सरहद पर सैनिकों के सिर काटे जा रहे होते और बम ब्लास्ट हो रहे होते। उन्होंने कहा कि कांग्रेस राज में तो हनुमान चालीसा पढ़ना, सुनना भी गुनाह हो गया है। कर्नाटक में इसलिए एक युवक को पीटा गया। राजस्थान में जब कांग्रेस की सरकार थी तो यहां रामनवमी पर निकलने वाली शोभायात्रा पर ही प्रतिबंध लगाया गया था।

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