नई दिल्ली। अमेरिकी संसद के निचले सदन यानी प्रतिनिधि सभा ने ईरान में युद्ध रोकने का प्रस्ताव पास कर दिया है। युद्ध रोकने के प्रस्ताव के समर्थन में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की रिपब्लिकन पार्टी के भी चार सांसदों ने वोट किया है। प्रस्ताव पास होने से ट्रंप काफी भड़के हैं। उन्होंने कहा है कि यह फैसला गलत है और ऐसा प्रस्ताव नहीं पास होना चाहिए। माना जा रहा है कि ट्रंप इस प्रस्ताव को वीटो के जरिए रोक देंगे।
इससे पहले प्रतिनिधि सभा में पारित प्रस्ताव में कहा गया कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कांग्रेस की मंजूरी के बिना सैन्य कार्रवाई जारी नहीं रख सकते। प्रतिनिधि सभा में यह प्रस्ताव 208 के मुकाबले 215 वोटों से पारित हुआ। चार रिपब्लिकन सांसदों ने भी डेमोक्रेट्स के साथ वोट देकर ट्रंप के खिलाफ रुख दिखाया। प्रस्ताव के मुताबिक राष्ट्रपति ट्रंप को ईरान के खिलाफ आगे की सैन्य कार्रवाई के लिए कांग्रेस से मंजूरी लेनी होगी। मंजूरी नहीं मिलने पर अमेरिकी सैन्य बलों को वापस बुलाने की मांग की गई है।
यह प्रस्ताव अब सीनेट में जाएगा। वहां मंजूरी मिलने के बाद इसे राष्ट्रपति के पास भेजा जाएगा। हालांकि माना जा रहा है कि ट्रंप इस प्रस्ताव को वीटो कर सकते हैं। इस बीच ट्रंप ने इस प्रस्ताव की आलोचना करते हुए कहा कि यह फैसला गलत है और इसका कोई मतलब नहीं है। राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि यह मतदान ऐसे समय हुआ है जब वे ईरान के साथ चल रहे संघर्ष को खत्म करने के लिए बातचीत कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी को पता है कि बातचीत किस दौर में है, फिर भी ऐसा फैसला किया गया।


