नई दिल्ली। ईरान पर इजराइल और अमेरिका के हमले के 14 दिन हो गए हैं और अभी तक युद्ध समाप्त होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। जैसे जैसे जंग तेज हो रही है वैसे वैसे दुनिया में वित्तीय संकट गहराता जा रहा है। इस बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दुनिया के सबसे अमीर सात देशों के समूह जी7 को भरोसा दिलाया है कि ईरान जल्दी ही सरेंडर करेगा। ट्रंप ने बुधवार को जी7 देशों के नेताओं के साथ वर्चुअल मीटिंग की थी, जिसमें उन्होंने यह भरोसा दिलाया था।
न्यूज वेबसाइट ‘एक्सियोस’ ने बताया है कि जी7 से जुड़े तीन अधिकारियों ने यह जानकारी दी। बताया गया है कि राष्ट्रपति ट्रंप ने जी7 देशों के नेताओं से कहा कि उन्होंने ‘एक ऐसे कैंसर को खत्म कर दिया जो हम सबके लिए खतरा बन रहा था’। उन्होंने बैठक में ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के नतीजों की भी तारीफ करते हुए कहा कि इस अभियान से बड़ा असर पड़ा है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया साइट ट्रूथ सोशल पर एक पोस्ट में कहा कि ईरान की सरकार से जुड़े लोगों को मारना उनके लिए ‘बहुत बड़ा सम्मान’ है। ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका, ईरान की सरकार को हर तरह से कमजोर कर रहा है। उनके मुताबिक अमेरिका सैन्य और आर्थिक तरीके से ईरान पर दबाव बना रहा है। राष्ट्रपति ट्रंप ने दावा किया कि ईरान की नौसेना और वायु सेना को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की मिसाइल और ड्रोन क्षमता को तेजी से खत्म किया जा रहा है और उसके कई नेता मारे जा चुके हैं।
इस बीच युद्ध के 14वें दिन इजराइल ने दावा किया है कि उसके लड़ाकू विमानों ने ईरान के कई इलाकों में दो सौ से ज्यादा ठिकानों पर हमला किया है। दूसरी ओर ईरान के हमले में उत्तरी इजराइल में कुछ इमारतों को नुकसान हुआ और दो लोग घायल हो गए। उधऱ अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि अमेरिका शुक्रवार को ईरान पर अब तक के सबसे ज्यादा हवाई हमले करेगा। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना युद्ध में दबाव बनाए रखेगी और अभियान को और तेज किया जाएगा। हेगसेथ ने कहा कि इजराइल और अमेरिका ने ईरान के 15 हजार से ज्यादा सैन्य टारगेट पर हमला किया।


