नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में चल रही जंग के बीच अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ईरान से बात करके युद्धविराम के प्रयासों में लगे हैं। उन्होंने इस सिलसिले में पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर से बात की है। उसके बाद मंगलवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से फोन कर बातचीत की। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इसकी जानकारी दी है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर इस बातचीत की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि भारत तनाव कम करने और जल्दी से जल्दी शांति बहाल करने का समर्थन करता है। मोदी ने कहा कि होरमुज की खाड़ी का खुला रहना और सभी के लिए सुलभ रहना पूरी दुनिया के लिए अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने यह भी लिखा कि वे और राष्ट्रपति ट्रंप शांति और स्थिरता के प्रयासों को लेकर संपर्क में बने रहने पर सहमत हुए।
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में मोदी और ट्रंप की बातचीत की जानकारी देते हुए लिखा, ‘दोनों नेताओं ने मिडिल ईस्ट के मौजूदा हालात पर चर्चा की। खास तौर पर होर्मुज स्ट्रेट को खुला रखने की अहमियत पर जोर दिया गया’।
इस बीच खबर है कि ईरान के सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई अमेरिका के साथ बातचीत के लिए तैयार है। खामेनेई ने युद्ध को ईरान की शर्तों के अनुसार जल्द खत्म करने पर सहमति जताई है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ को बताया कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई ने वार्ता के लिए अनुमति दी है। गौरतलब है कि अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ मध्यस्थ के रूप में ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर कालिबाफ के बातचीत करने की खबरें हैं।
हालांकि इजराइल के एक अधिकारी ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए कोई समझौता फिलहाल संभव नहीं दिख रहा है। अधिकारी के मुताबिक, ईरान अभी किसी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है और मौजूदा बातचीत को सिर्फ समय हासिल करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है, ताकि आगे के हमलों की तैयारी की जा सके। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प का कहना है कि वो ईरान के साथ बड़े नेता के साथ बातचीत कर रहे हैं।


