मुंबई। आजादी के बाद पहली बार रविवार को केंद्रीय बजट पेश हो रहा था तो रविवार को शेयर बाजार भी खुला था। लेकिन बजट भाषण शुरू होने से पहले ही शेयर बाजार गिरावट के साथ खुला और बजट भाषण समाप्त होने के साथ ही जबरदस्त गिरावट हुई। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई का संवेदी सूचकांक एक समय 23 सौ अंक से ज्यादा गिर गया था। लेकिन बाद में यह थोड़ा सुधरा और 1,546 अंक यानी करीब दो फीसदी गिर कर 80,722 के पर बंद हुआ। निफ्टी भी 495 अंक टूटा, ये 24,825 के स्तर पर बंद हुआ।
असल में बजट भाषण के अंत में वित्त मंत्री फ्यूचर्स ट्रेडिंग पर लगने वाले सिक्योरिटीज ट्रांजैक्शन टैक्स यानी एसटीटी को 0.02 से बढ़ाकर 0.05 फीसदी कर दिया। इसी तरह ऑप्शंस प्रीमियम पर भी एसटीटी बढ़ाकर 0.15 फीसदी किया। इससे ट्रेडिंग महंगा हो जाएगा। इन प्रावधानों की घोषणा के साथ ही बाजार में अचानक तेजी से गिरावट हुई। पिछले सात साल में बजट के दिन की यह सबसे बड़ी गिरावट है। इससे पहले 2020-21 बजट के दिन बीएसई सूचकांक 987 अंक और निफ्टी तीन सौ अंक गिरकर बंद हुआ था।
बहरहाल, बजट के दिन रविवार को बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों की बाजार पूंजी करीब 11 लाख करोड़ रुपए कम हो गई। यानी आम लोगों का 11 लाख करोड़ रुपया चंद मिनटों में स्वाहा हो गया। बीएसई के 30 शेयरों के सूचकांक में से 27 में गिरावट रही। सरकारी बैंकों के विलय की घोषणा से उनके शेयरों में सबसे ज्यादा छह फीसदी तक की गिरावट देखने को मिली। कारोबार के दौरान एक समय सूचकांक 2,370 अंक गिर कर दिन के निचले स्तर 79,899 पर आ गया था। निफ्टी भी 750 अंक गिरकर 24,571 के निचले स्तर पर आ गया था। रविवार की सुबह सूचकांक एक सौ अंक की गिरावट के साथ 82,156 पर खुला था।
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