नई दिल्ली। एक तरफ अमेरिका ने ऐसी नाकाबंदी की है कि होर्मुज की खाड़ी से एक भी जहाज नहीं निकल पा रहा है और दूसरी ओर खबर आ रही है कि दोनों देशों के बीच शांति समझौता होने वाला है। कहा जा रहा है कि अमेरिका और ईरान 21 अप्रैल को खत्म हो रहे युद्धविराम से पहले समझौते के करीब पहुंच रहे हैं। अमेरिकी मीडिया के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच बातचीत आगे बढ़ी है, हालांकि कुछ मतभेद अब भी बाकी हैं।
उधर तेहरान में ईरानी अधिकारियों और पाकिस्तानी सेना प्रमुख आसिम मुनीर के बीच अहम बैठक होनी है। मुनीर पहले ही ईरान पहुंच कर विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात कर चुके हैं और वे अमेरिकी संदेश लेकर गए हैं। पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं। हालांकि ईरान ने कहा है कि उसे अमेरिका के साथ बातचीत से कोई खास उम्मीद नहीं है और वह अमेरिका पर भरोसा भी नहीं करता, भले ही उसने ईमानदारी से बातचीत शुरू की हो। ईरान की संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के सदस्य वाहिद अहमदी ने गुरुवार को कहा कि अब फैसला अमेरिका को करना है कि वह ईरान की मांगों को मानने के लिए तैयार है या नहीं।
बहरहाल, ईरान और अमेरिका के बीच जारी बातचीत में कुछ प्रगति जरूर हुई है, लेकिन परमाणु मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बुनियादी मतभेद अब भी बने हुए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, एक वरिष्ठ ईरानी अधिकारी ने कहा कि कुछ क्षेत्रों में मतभेद कम हुए हैं। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि ईरान के उच्च स्तर के संवर्धित यूरेनियम के भविष्य और परमाणु कार्यक्रम पर लगने वाली पाबंदियों की अवधि जैसे अहम मुद्दे अब भी अनसुलझे हैं। इन मतभेदों के चलते दोनों देशों के बीच किसी व्यापक समझौते पर पहुंचने में अभी समय लग सकता है।
उधर, अमेरिकी उप राष्ट्रपति जेडी वेंस, स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर के साथ मिलकर बातचीत और ड्राफ्ट प्रस्ताव साझा कर रहे हैं। अधिकारियों के मुताबिक, डील के लिए सीजफायर को बढ़ाया जा सकता है, हालांकि अमेरिका ने अभी औपचारिक सहमति नहीं दी है। इस बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल आसिम मुनीर ने गुरुवार को तेहरान में ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाघेर गालिबाफ से मुलाकात की। दूसरी ओर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री मुहम्मद शहबाज शरीफ के कतर दौरे पर पहुंचे हैं।


