इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलने के लिए विशेष वीआईपी विमान ‘विंग ऑफ जायन’ से रवाना हुए। पत्रकारों के सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि ये मुलाकात काफी अहम है जिसमें वो अपनी सोच से ट्रंप को अवगत कराएंगे। वहीं, उनकी रवानगी की खबर पर ईरान ने नाराजगी जताते हुए कहा कि नेतन्याहू का ये दौरा डिप्लोमेसी के लिए बेहद खतरनाक है।
हवाई अड्डे से उड़ान भरने से पहले बेंजामिन नेतन्याहू ने पत्रकारों से कहा कि वह “जारी वार्ता (यूएस-ईरान) को लेकर अपनी विचारधारा से राष्ट्रपति को रूबरू कराएंगे।
उन्होंने कहा कि ये सिद्धांत न सिर्फ इजरायल के लिए, बल्कि दुनिया भर के हर उस देश के लिए जरूरी हैं “जो शांति और सुरक्षा चाहता है।
नेतन्याहू के अनुसार, दोनों नेता गाजा समेत “विभिन्न विषयों” पर बातचीत करेंगे।
नेतन्याहू का कहना है कि ट्रंप के साथ उनकी बार-बार की मुलाकात इजरायल-यूएस और निजी तौर पर उनके और ट्रंप के बीच की “अद्वितीय निकटता” का सबूत है।
Also Read : भारत-अमेरिका ट्रेड डील से शेयर बाजार बड़ी तेजी के साथ बंद
इससे पहले नेतन्याहू के अमेरिका जाने की खबर जैसे ही ईरान पहुंची, तुरंत इसे कूटनीतिक हितों के खिलाफ बताया जाने लगा। ईरान ने प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के वाशिंगटन दौरे से पहले डिप्लोमेसी पर “खतरनाक” असर की चेतावनी दी।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाकई ने प्रेस ब्रीफिंग में कहा, “हमारी बातचीत करने वाली पार्टी अमेरिका है। यह अमेरिका पर है कि वह इस इलाके के लिए दबावों और नकारात्मक असर से अलग हटकर काम करे।
उन्होंने कहा, “यहूदी शासन ने बार-बार, एक तोड़फोड़ करने वाले के तौर पर, दिखाया है कि वह हमारे इलाके में शांति की ओर ले जाने वाली किसी भी कूटनीतिक प्रक्रिया का विरोध करता है।
दरअसल, पिछले हफ्ते ओमान में ईरान और अमेरिका के वरिष्ठ अधिकारियों के बीच हुई बातचीत को दोनों पक्षों ने काफी सकारात्मक बताया था। सोमवार को, तेहरान ने अपने एनरिच्ड यूरेनियम के स्टॉक पर संभावित छूट की बात भी कही, लेकिन उसने अपने मिसाइल प्रोग्राम या मिडिल ईस्ट में हथियारबंद मिलिशिया को दी जा रही मदद पर बात करने से मना कर दिया था।
Pic Credit : ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.


