यमन के सशस्त्र बलों ने पिछले 24 घंटों में ईरान-समर्थित इस्लामी मिलिशिया के खिलाफ कुल 81 सैन्य अभियान चलाए।
यमन के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता कर्नल माजिद अल-नाज़िली ने गुरुवार को सोशल मीडिया एक्स पर जारी एक बयान में बताया कि ये अभियान सभी मोर्चों पर चलाए गए, जिसके कारण कई हूती नेता और लड़ाके मारे गए या अक्षम हो गए और सैन्य उपकरण व वाहन नष्ट हो गये।
उन्होंने कहा कि ये अभियान नागरिकों के बुनियादी ढांचे पर हूतियों के बार-बार हमलों और यमन की नागरिक आबादी पर लगाए गए घेराबंदी के जवाब में चलाए गए थे।
श्री अल-नाज़िली ने मिलिशिया पर देश के अल-धब्बा बंदरगाह को निशाना बनाने और तेल निर्यात को रोकने के लिए मजबूर करने, सना हवाई अड्डे और यमेनिया विमान को नष्ट करने, साथ ही होदेइदाह, सलीफ और रास ईसा के बंदरगाहों पर हमले करने का भी आरोप लगाया।
Also Read : राहुल का पैलेट गन मामले में प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर धरना
उन्होंने कहा कि हूती मोखा बंदरगाह, अल-अर्दी एंकरेज, साथ ही भोजन ले जाने वाले जहाजों और मारिब में विस्थापन शिविरों को निशाना बनाना जारी रखे हुए हैं। उन्होंने कहा कि ये हमले ईरान-समर्थित समूह द्वारा यमनी लोगों को भूखा मारने की कोशिश को दर्शाते हैं।
सऊदी अरब ने 2015 में यमन की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त सरकार के समर्थन में एक अंतरराष्ट्रीय गठबंधन का नेतृत्व किया था, जब देश में हूतियों के खिलाफ गृहयुद्ध चल रहा था। हूतियों का पश्चिमी यमन के बड़े हिस्से पर नियंत्रण है, जिसमें राजधानी सना भी शामिल है।
वर्ष 2022 में एक नाजुक युद्धविराम पर सहमति बनी थी और यह पिछले महीने तक कायम रहा, जब हूतियों ने लाल सागर में सऊदी जहाजों पर हमला किया और सऊदी बंदरगाहों की घेराबंदी करने की कोशिश की। इससे ईरान युद्ध के कारण शुरू हुए व्यापक क्षेत्रीय संघर्ष में इस समूह की खुली भागीदारी का पता चला।
Pic Credit : ANI
Leave a comment
You must be logged in to post a comment.



