nayaindia Jitu Patwari जीतू की हुई ताजपोशी तोमर की होगी आज
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जीतू की हुई ताजपोशी तोमर की होगी आज

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भोपाल। प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होने के बाद अब दोनों ही प्रमुख दल है। लोकसभा चुनाव 2024 को दृष्टिगत रखते हुए अपने अपने स्तर पर जमावट शुरू कर दी है। भाजपा ने जहां मुख्यमंत्री दो उपमुख्यमंत्री बना दिए हैं वहीं विधानसभा अध्यक्ष के रूप में नरेंद्र सिंह तोमर की ताजपोशी आज हो जाएगी और 22 दिसंबर तक मंत्रिमंडल का गठन भी हो सकता है। दूसरी ओर प्रमुख विपक्षी दल कांग्रेस ने करारी हार के बाद एक झटके में नया नेतृत्व उतार दिया है और जिस तरह नव नियुक्त प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मंगलवार को जबरदस्त शक्ति प्रदर्शन किया है। एक तरह से दोनों ही दल जीत-हार को भूलकर लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारी में जुट गए हैं।

दरअसल, राजनीति में कभी विश्राम नहीं होता चाहे हार हो या जीत अगले ही दिन फिर सक्रिय होना पड़ता है। अन्यथा जीत-हार की फिसलपट्टी पर सवार हो जाती है और हार गुमनामी के अंधेरे में ले जाती है यही कारण है की राजनीतिक दल और सफल नेता परिणाम से अप्रभावित अगले लक्ष्य की ओर बढ़ने लगते हैं। कुछ ऐसा ही इस समय मध्य प्रदेश की राजनीति में हो रहा है। दोनों ही दलों में अपनी जमावट शुरू कर दी है। दोनों ही दलों के सामने हिमालयन चुनौती है। भाजपा के सामने जहां अपने दिग्गज नेताओं को एडजस्ट करने की चुनौती है वहीं कांग्रेस को अपनी उम्मीदें बनाए रखना और कार्यकर्ताओं को उत्साहित करने की जरूरत है। भाजपा ने डॉक्टर मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाकर जहां सभी को चौंका दिया वहीं अब दिग्गज नेताओं को मंत्रिमंडल में एडजस्ट करने और सभी को काम देने की सबसे बड़ी चुनौती है।

लगभग चार दर्जन नेता ऐसे हैं जिन्हें महत्वपूर्ण जिम्मेवारी दी जानी चाहिए और भाजपा ने जिस तरह से जूनियरों को महत्वपूर्ण पद दे दिए हैं उससे अब हर कोई अपने लिए महत्वपूर्ण पद पर देखने लगा है। खासकर राजस्थान में पहली बार के विधायक को मुख्यमंत्री बनकर भाजपा ने सभी के लिए सोचने के दरवाजे तो खोल ही दिए हैं और मध्यप्रदेश में दिग्गजों को किनारे करके तीसरी पंक्ति में बैठे चार बार के विधायक डॉ. मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनकर हर किसी के लिए संकेत भी दे दिया है कि पार्टी हाईकमान अपनी रणनीति के अनुसार ही निर्णय लेती है। जिसमें किसी का भी पड़ जा सकता है और किसी को भी पद मिल सकता है। विधानसभा में आज नरेंद्र तोमर की विधानसभा अध्यक्ष के रूप में ताजपोसी हो जाएगी। एकमात्र नामांकन दाखिल हुआ है जिसे पक्ष और विपक्ष के विधायकों ने समर्थन दिया है। आज ही राज्यपाल के अभी भाषण पर चर्चा हो जाएगी और इसके बाद विधानसभा की औपचारिकताएं पूरी हो जाएंगे और पार्टी मंत्रिमंडल गठन पर फोकस करेगी। माना जा रहा है 23 दिसंबर तक मंत्रिमंडल का गठन कर लिया जाएगा जिसमें जोश और होश का समन्वय देखने को मिलेगा कुछ अनुभवी मंत्रियों और कुछ नए चेहरों को शामिल किया जाएगा जिससे लोकसभा चुनाव के पहले पार्टी का एक सकारात्मक माहौल प्रदेश में मनाया जा सके।

कुल मिलाकर विपक्षी दल कांग्रेस ने हार से सबक लेकर नई ऊर्जा के साथ मैदान में आकर संकेत दे दिया है वह हार की निराशा से ऊपर उठकर लोकसभा का चुनाव पूरी ताकत से लड़ेगी। वहीं भाजपा भी किसी भी प्रकार की कसर नहीं छोड़ना चाहते और सत्ता और संगठन में कसावट लाने के प्रयास तेज कर दिए।

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