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दिग्गजों को दमदार विभाग

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भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण कुछ इस तरह से किया है जिसमें दिग्गज नेताओं को दमदार विभाग दिए गए हैं। वहीं नए मंत्रियों को भी अपना हॉनर दिखाने का मौका दिया गया है मुख्यमंत्री ने गृह, खनिज और जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं। दरअसल, जिस तरह से मंत्रिमंडल में दिग्गज नेताओं का जमावड़ा हो गया था उसके बाद मंत्रियों के बीच विभागों का वितरण भी एक चुनौती पूर्ण कार्य था लेकिन कुछ विभाग अपने पास रखकर और कुछ दिग्गज नेताओं को बांटकर उन्होंने पहली बार मंत्री बनने वालों को भी महत्वपूर्ण विभाग देकर उन्हें मौका दिया है कि वे भी अपनी काबलियत सिद्ध कर सके। कुछ मंत्रियों को पहले की अपेक्षा कमजोर विभाग दिए। मुख्यमंत्री के साथ-साथ उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा और राजेंद्र शुक्ला महत्वपूर्ण विभागों को पाने में सफल हो गए हैं।

सिंधिया समर्थक तुलसी सिलावट और प्रद्युम्न सिंह तोमर को उनके पूर्ववत विभाग विभाग दिए गए हैं जबकि गोविंद राजपूत को राजस्व एवं परिवहन की जगह खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण का मंत्री बनाया गया है। यह विभाग कोरोना काल के समय भी राजपूत को मिला था जब 5 मंत्रियों ने शपथ ली थी। इस बार स्कूल शिक्षा के साथ-साथ परिवहन जैसा महत्वपूर्ण विभाग राव उदय प्रताप सिंह को सौंपा गया है जबकि राजस्व विभाग करण सिंह वर्मा को एक बार फिर से दिया गया है। इस विभाग के भी पहले भी मंत्री रह चुके हैं।
बहरहाल, मुख्यमंत्री बनने से लेकर मंत्रिमंडल का गठन और फिर विभागों का वितरण बताता है कि कोई एक फार्मूला लागू नहीं किया गया है बल्कि विभिन्न दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए फैसले लिए गए हैं। पार्टी के राष्ट्रीय नेतृत्व में अपनी देखरेख में यह सब जिम्मेवारियां सौंपी हैं। इस पूरी कवायद में अनुभव के साथ-साथ नए लोगों को मौका देने की रणनीति अपनाई गई है। कुछ अनुभवी छूट गए हैं और कुछ नए अभी प्रतीक्षा में है।

अब इनका पार्टी किस तरह से और कैसा उपयोग करेगी यह भविष्य बताएगा। फिलहाल विभागों के वितरण में जो दमदार मंत्री थे जिनमें से कुछ नाम मुख्यमंत्री पद के लिए भी प्रमुखता से लिए जा रहे थे उनको महत्वपूर्ण विभाग देकर कसक दूर करने की कोशिश की गई है। खासकर पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रहलाद पटेल को पंचायत एवं ग्रामीण कैलाश विजयवर्गीय को नगरीय विकास एवं आवास तथा संसदीय कार्य राकेश सिंह को लोक निर्माण विभाग, उदय प्रताप सिंह को परिवहन एवं स्कूल शिक्षा, तुलसीराम सिलावट को जल संसाधन, प्रद्युम्न सिंह तोमर को ऊर्जा और एदल सिंह कसाना को किसान कल्याण एवं कृषि विकास जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिये गये है। प्रदेश में पिछले वर्षों में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग अजय सिंह, नरेंद्र सिंह तोमर, रुस्तम सिंह और गोपाल भार्गव जैसे कद्दावर मंत्री संभाल चुके हैं। त्रिस्तरीय पंचायती व्यवस्था लागू होने के बाद यह विभाग महत्वपूर्ण हो गया है। अब प्रहलाद पटेल के ऊपर जिम्मेवारी है कि वे लगभग 24000 करोड रुपए बजट वाले इस विभाग के माध्यम से गांव में बुनियादी विकास को अमली जामा पहनाये। पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव रहे कैलाश विजयवर्गीय को नगरीय विकास, आवास एवं संसदीय कार्य जैसे महत्वपूर्ण विभाग देकर पार्टी ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट आ जाने के बाद यह विभाग महत्वपूर्ण हो गया है।

कैलाश विजयवर्गीय इंदौर के महापौर रहे हैं। वे इस विभाग की बारीकियों को जानते हैं। इसके पहले यह विभाग पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के विश्वसनीय मंत्री भूपेंद्र सिंह के पास था। इसी तरह राकेश सिंह को लोक निर्माण जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है। प्रायः चुनाव में पानी और बिजली के पहले सड़क बहुत बड़ा मुद्दा होता है। भाजपा ने 2003 का विधानसभा चुनाव बदहाल सड़क पर फोकस करके जीता था। यहां तक कि खराब सड़कों के कारण ही दिग्विजय सिंह को बंटाधार के रूप में प्रचारित किया गया था लेकिन 2023 के विधानसभा चुनाव में सड़क कोई मुद्दा नहीं था। 2003 से लेकर भाजपा सरकार ने इस पर काम किया और पिछले तीन वर्षों से लोक निर्माण मंत्री के रूप में गोपाल भार्गव ने कार्य किया। उन्हें सर्वश्रेष्ठ मंत्री के रूप में भी विधानसभा में सम्मानित किया गया। राव उदय प्रताप सिंह को परिवहन के साथ-साथ स्कूल शिक्षा जैसा महत्वपूर्ण विभाग सौंपा गया है। इस विभाग की जिम्मेदारी विश्वसनीय मंत्रियों को सौंप जाती है। पिछली बार सिंधिया समर्थक गोविंद राजपूत परिवहन विभाग के साथ-साथ राजस्व विभाग भी संभाल रहे थे। लगातार बढ़ रही सड़क दुर्घटनाओ को रोकने की चुनौती उदय प्रताप सिंह के सामने होगी। इसके अलावा एंदल सिंह कसाना को कृषि विभाग जैसा महत्वपूर्ण विभाग दिया गया है। किसान केंद्र और राज्य सरकार की प्राथमिकताओं में है। इस कारण कंसाना को विभाग में कसावट लाने की जिम्मेदारी दी गई है। वहीं तुलसीराम सिलावट को पहले की तरह जल संसाधन और प्रद्युमन सिंह तोमर को भी ऊर्जा विभाग दे दिया गया है।

इसके अलावा पहली बार मंत्री बनी संपत्तिया उइके को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी और धर्मेंद्र लोधी को संस्कृति पर्यटन एवं धार्मिक न्यास जैसे महत्वपूर्ण विभाग दिए गए हैं। कुल मिलाकर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जहां गृह खनिज एवं जनसंपर्क जैसे महत्वपूर्ण विभाग अपने पास रखे हैं। वहीं दिग्गज मंत्रियों को महत्वपूर्ण विभाग देकर और नए मंत्रियों को में से कुछ को भी महत्वपूर्ण विभाग दिए हैं। इस तरह से उन्होंने सभी को मौका दिया है कि वे अपनी प्रतिभा दिखा सके।

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