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दिल्ली में भी अब हफ्ता वसूली

किसी समय यह बात मुंबई के लिए कही जाती थी। वहां अंडरवर्ल्ड के लोग हफ्ता वसूलते थे, जिसे प्रोटेक्शन मनी कहते थे। कई फिल्मों की कहानियां इस पर आधारित हैं। बाद में पूरी हिंदी पट्टी में एक परिघटना के तौर पर यह देखने को मिला। बिहार, उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में पहले एक उद्योग के तौर पर अपहरण का काम फला फूला और उसके बाद लोग जान बचाने के लिए रंगदारी भरने लगे। बिहार में तो इस तरह की घटनाएं बंद हो गईं और मुंबई में हफ्ता वसूली कम हो गई है लेकिन अब दिल्ली इसकी भी राजधानी बन गई है। दिल्ली एक तरह से गैंगेस्टर की राजधानी बन गई है, जहां छोटे या बड़े कारोबारियों को आए दिन रंगदारी के लिए फोन आ रहे हैं।

एक रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली के कई वेटरन पुलिस अधिकारियों ने कहा है कि उन्होंने कभी इस स्केल पर रंगदारी की मांग हैंडल नहीं की थी। पिछले कुछ सालों से दिल्ली एक्सटॉर्शन कैपिटल बन गई है। दिल्ली और आसपास के राज्यों में पहले गैंगेस्टर्स ने अपना नाम बताया। गोलियां चला कर या लोगों की हत्या करके सोशल मीडिया में उसका श्रेय लिया और उसके बाद नाम का इस्तेमाल करके रंगदारी के लिए फोन करने लगे। 2023 में दिल्ली के बड़े कारोबारियों से रंगदारी मांगने की 204 घटनाएं दर्ज हुईं, अगले साल यानी 2024 में 228 ऐसी घटनाएं हुईं और पिछले साल 212 घटनाएं दर्ज हुई हैं। हजारों घटनाओं की रिपोर्टिंग नहीं हो रही है। लॉरेंस बिश्नोई से लेकर कपिल सांगवान, हिमांशु भाऊ, गोल्डी बरार, नीरज बवाना या हाशिम बाबा गैंग या इस तरह के दर्जनों गैंग और हैं, जिनकी ओर से लोगों को एक्सटॉर्शन की कॉल जा रही है। इतना ही नहीं लोगों के घरों और दुकानों पर गोलियां भी चलाई जा रही हैं। विदेश में बैठे या जेल में बंद गैंगेस्टर इन घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं।

By NI Political Desk

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