कई मसलों पर भारत सरकार के मंत्रियों में न्यूनतम तालमेल भी नहीं दिख रहा है। एक ही मुद्दे पर अलग अलग विभाग के मंत्रियों की राय में कोई तालमेल नहीं है। ताजा मामला ऊर्जा मंत्री मनोहर लाल खट्टर और वन व पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव का है। खट्टर ने एक घोषणा की, जिसका 10 दिन के भीतर भूपेंद्र यादव ने मजाक बना दिया। वैसे खट्टर ने जो ऐलान किया था उसका मजाक सोशल मीडिया में पहले से बनने लगा था। उन्होंने कहा था कि अब एसी बनाने वाली कंपनियों को निर्देश दिया जाएगा कि वे ऐसा एसी बनाएं, जिसे 20 डिग्री से कम और 28 डिग्री से ज्यादा तापमान पर चलाया ही नहीं जा सके। बिजली बचाने के मकसद से उन्होंने यह नियम लागू करने का ऐलान किया था।
मनोहर लाल खट्टर ने दावा किया था एसी का तापमान एक डिग्री बदलने से छह फीसदी की बचत होती है। इसलिए उन्होंने एसी का टेम्परेचर फिक्स करने का नियम जल्दी लागू करने की बात कही थी। लेकिन अब भूपेंद्र यादव ने कहा है कि निकट भविष्य में ऐसा करने की कोई योजना नहीं है। उलटे उन्होंने जिस अंदाज में खट्टर की बात का खंडन किया उससे खट्टर के आइडिया का मजाक बना। भूपेंद्र यादव ने कहा कि हो सकता है कि 2050 के बाद ऐसा किया जाए। सोचें, प्रधानमंत्री ने 2047 तक भारत को विकसित बनाने का ऐलान किया। यानी भारत जब विकसित राष्ट्र बन जाएगा उसके बाद ही खट्टर के आइडिया पर अमल होगा!
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