मध्य प्रदेश के नेता कैलाश विजयवर्गीय कई मामलों में बहुत सही नेता हैं। वे कई बार बहुत साफगोई से कोई बात कह जाते हैं। कई बार तो बहुत विवादित बयान भी देते हैं। एक बार फिर उनके एक बयान पर विवाद छिड़ा है। उन्होंने एक भाषण में कह दिया कि भाजपा की सरकार बनी तो सब अधिकारी अचानक संघी हो गए। उन्होंने भोपाल में एक कार्यक्रम में शनिवार को यह बात कही। विजयवर्गीय ने कहा कि जब से भाजपा की सरकार बनी है कई अधिकारी और सरकारी कर्मचारी उनके पास आते हैं और बताते हैं कि उनका जुड़ाव संघ से रहा है। कई अधिकारी अपने परिवार के पुराने लोगों का जुड़ाव बताते हैं। किसी ने कहा कि उसके पिता संघ के अध्यक्ष थे। हो सकता है कि किसी शाखा में रहे हों लेकिन सचमुच आजकल संघ से करीबी दिखाने का चलन बढ़ा है।
जिस समय विजयवर्गीय मध्य प्रदेश में यह बात कह रहे थे उसी समय महाराष्ट्र में इससे जुड़ा एक विवाद सामने आ गया। असल में नागपुर में हाल ही में नियुक्त हुए पुलिस कमिश्नर विश्वास नांगरे पाटिल ने एक कार्यक्रम में जम कर राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ की तारीफ की। ध्यान रहे नागपुर में ही संघ का मुख्यालय है। जब विश्वास नांगरे पाटिल ने संघ की तारीफ को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के प्रमुख राज ठाकरे उन पर भड़क गए। राज ठाकरे ने कहा कि पुलिस कमिश्नर की निष्ठा संविधान, देश की व्यवस्था और पुलिस फोर्स में होनी चाहिए। इस विवाद से कैलाश विजयवर्गीय की बात प्रमाणित हुई है कि अधिकारियों में संघ से नजदीकी दिखाने की होड़ मची है।


