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पीके ने जिनको निशाना बनाया सब मंत्री बने

बिहार में बनी नीतीश कुमार की नई सरकार में कई खास बातें दिखी हैं। इसमें सबसे प्रमुखता से नोटिस करने वाली बात यह रही कि भाजपा और जनता दल यू के जितने नेता प्रशांत किशोर के निशाने रहे वे सारे मंत्री बन गए हैं। प्रशांत किशोर ने भाजपा के चार और जनता दल यू के एक नेता को निशाना बनाया था और एक समय ऐसा लग रहा था कि ये पांच चेहरे हाशिए में चले जाएंगे। लेकिन उनमें से चार लोग मंत्री बन गए हैं। पांचवें व्यक्ति भाजपा के पूर्व अध्यक्ष संजय जायसवाल हैं। वे चूंकि लोकसभा के सांसद हैं इसलिए उनको बिहार में मंत्री नहीं बनाया गया है। परंतु जिस तरह से पीके के निशाने पर आए नेता बिहार में मंत्री बने हैं उसे देखते हुए हैरानी नहीं होगी अगर संजय जायसवाल केंद्र में मंत्री बना दिए जाएं।

बहरहाल, प्रशांत किशोर ने सबसे पहले जिस भाजपा नेता के निशाना बनाया वे दिलीप जायसवाल हैं। उनके ऊपर हत्या से लेकर एक सिख प्रमोटर के बनाए मेडिकल कॉलेज को हड़पने का आरोप लगा। ध्यान रहे दिलीप जायसवाल पहले भू राजस्व और निबंधन मंत्री थे। उनके मंत्री रहते पिछले साल उनको प्रदेश अध्यक्ष बनाया गया और उसके बाद उन्होंने अध्यक्ष पद से इस्तीफा दिया। अब एक साल के बाद ही फिर उनको मंत्री बनाया जा रहा है तो इसका साफ अर्थ है कि प्रशांत किशोर को भाजपा एक मैसेज देना चाहती है।

दिलीप जायसवाल के बाद प्रशांत किशोर ने संजय जायसवाल को निशाना बनाया और उसके बाद दो भाजपा नेता सम्राट चौधरी और मंगल पांडेय उनके निशाने पर आए। उन्होंने सम्राट चौधरी पर हत्या का पुराना मामला और चुनावी हलफनामे में गलत जानकारी देने का मुद्दा उठाया, जो कि मोटे तौर पर राजनीतिक मुद्दा था लेकिन मंगल पांडेय के ऊपर भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। अब नई सरकार में सम्राट चौधरी फिर से उप मुख्यमंत्री बने हैं। उन्होंने नीतीश कुमार के बाद शपथ ली, जिसका अर्थ है कि वे सरकार में नंबर दो रहेंगे और भाजपा की राजनीति का आगे का चेहरा रहेंगे। मंगल पांडेय को वरिष्ठता के हिसाब से पहले शपथ दिलाई गई। भाजपा के इन चार नेताओं के अलावा जनता दल यू के अशोक चौधरी को प्रशांत किशोर ने निशाना बनाया था। उसके बाद कहा जा रहा था कि अशोक चौधरी से नीतीश कुमार ने दूरी बना ली है या पार्टी में उनका महत्व कम हुआ है। लेकिन ये सारी बातें गलत साबित हुईं। अशोक चौधरी फिर से नीतीश की सरकार में पावरफुल मंत्री बने हैं। सोचें, जब प्रशांत किशोर ने इन नेताओं को निशाना बनाया तो लग रहा था कि इनका करियर संकट में आएगा लेकिन उसका उलटा हुआ है। सबका करियर और निखर गया है।

By NI Political Desk

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