बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में विपक्ष की नेता राबड़ी देवी ने 10, सरकुलर रोड का बंगला खाली कर दिया है। सोमवार, 29 जून तक सरकार ने बंगला खाली करने को कहा था। उन्होंने ज्यादातर सामान शिफ्ट कर दिया है और बाकी चीजें हटाने के लिए पांच जुलाई तक का समय मांगा है। साथ ही सरकार से इन्वेंट्री लिस्ट मांगी है। उन्होंने भवन निर्माण विभाग से कहा है कि वह बताए कि जिस समय राबड़ी देवी को बंगला दिया गया था उस समय बंगले में क्या क्या लगा हुआ था। उन्होंने ऐसा इसलिए किया ताकि उनके बंगला खाली करने के बाद कोई यह आरोप न लगाए कि वे अपने साथ सरकारी चीजें निकाल कर ले गई हैं।
ध्यान रहे तेजस्वी यादव ने जब उप मुख्यमंत्री वाला बंगला खाली किया था तब इस तरह के आरोप लगे थे। ऐसे ही उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव जब मुख्यमंत्री पद से हटे तो उनके ऊपर तो भाजपा नेताओं ने टोंटी उखाड़ कर ले जाने का आरोप लगाया था। तभी राबड़ी देवी सभी सामानों की सूची मांग रही हैं। वे 20 साल से जिस बंगले में रह रही थीं उसे खाली करके यह भी मैसेज दिया है कि उनकी मंशा हमेशा के लिए उस बंगले में रहने की नहीं थी। ध्यान रहे उनको विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष के नाते वह बंगला मिला हुआ है। अब भी वे नेता प्रतिपक्ष हैं। इसलिए कानूनी रूप से वे इसे चैलेंज कर सकती थीं। लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया। हालांकि उनकी पार्टी इस पर विक्टिम कार्ड खेल कर सहानुभूति लेने की राजनीति नहीं कर पाई।


