अभी तक ऐसा लग रहा है कि राज्यसभा के चुनाव सामान्य तरीके से होंगे तो भाजपा को कई सीटों का फायदा होगा और कांग्रेस पार्टी को न फायदा होगा और न नुकसान होगा। उसके पांच सांसद रिटायर हो रहे हैं और पांच की वापसी हो जाएगी। उसे महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ में एक एक सीट का नुकसान होगा तो हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में एक एक सीट का फायदा हो जाएगा। परंतु यथास्थिति की बजाय कांग्रेस को एक सीट का फायदा होने की संभावना दिख रही है और वह भी तमिलनाडु से।
गौरतलब है कि तमिलनाडु में छह सीटों पर राज्यसभा चुनाव होने हैं, जिसमें से पांच सीटें सत्तारूढ़ गठबंधन को मिलेंगी। मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने एक सीट सहयोगी पार्टी डीएमडीके की प्रेमलता विजयकांत को देने का वादा किया है। बाकी चार में से एक सीट वे कांग्रेस के लिए छोड़ सकते हैं। ध्यान रहे कांग्रेस के विधानसभा में 18 विधायक हैं। कांग्रेस के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने रविवार की रात को चेन्नई में स्टालिन से मुलाकात की। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भी साथ में थे। दोनों नेताओं ने स्टालिन से कांग्रेस कोटे की 25 सीटों में बढ़ोतरी की मांग की। कांग्रेस ने 40 सीटें मांगी, जिसके बाद डीएमके की ओर से एक राज्यसभा सीट का प्रस्ताव दिया गया। कांग्रेस को भी पता है कि स्टालिन विधानसभा सीट नहीं छोड़ सकते हैं क्योंकि उनको दो नई सहयोगी पार्टियों को एडजस्ट करना है। इसलिए कांग्रेस राज्यसभा सीट पर समझौता कर सकती है।
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