कांग्रेस पार्टी ने अगले साल होने वाले चुनावों की तैयारी शुरू कर दी है। अभी कांग्रेस दो तरह की रणनीति पर काम कर रही है। पहली रणनीति तो उन राज्यों की है, जहां उसे सफलता की संभावना दिख रही है। इस लिहाज से उत्तराखंड, पंजाब, गोवा और मणिपुर को लेकर उसकी तैयारी शुरू हुई है। दूसरी रणनीति आम आदमी पार्टी से लड़ने की है। कांग्रेस के सामने अगले साल के चुनाव के लिहाज से सबसे बड़ी चुनौती आम आदमी पार्टी की है। पंजाब, गोवा और गुजरात में अगले साल के चुनाव में कांग्रेस की योजना अरविंद केजरीवाल की पार्टी को रोकने की है। ध्यान रहे 2022 में इन तीनों राज्यों में आम आदमी पार्टी ने ही कांग्रेस को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया था।
कांग्रेस ने सबसे पहले पंजाब में अपनी रणनीति तय करने का फैसला किया। इसके लिए अजय माकन को पंजाब भेजा गया और उन्होंने अपनी रिपोर्ट कांग्रेस आलाकमान को सौंप दी है। अब फैसला होना है। पार्टी किसी जाट सिख को चेहरा बनाए या दलित चेहरा आगे किया जाए इस पर मंथन हो रहा है। आप नेता और मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ अकाल तख्त के फैसले ने कांग्रेस के लिए एक संभावना बनाई है। कांग्रेस उसका लाभ लेना चाहती है। उधर गुजरात में स्थिति उलझ गई है। वहां आप विधायक चैतार वसावा को सात साल की सजा हुई है, जिसका आप ने बड़ा मुद्दा बना दिया है। उसने प्रचार किया है कि भाजपा को आप से डर लग रहा है इसलिए उसके नेताओं पर कार्रवाई हो रही है। भाजपा भी चाहेगी कि ऐसा प्रचार हो ताकि भाजपा विरोधी वोट कांग्रेस और आप में बंटे। कांग्रेस को इसकी जवाबी रणनीति बनानी है।


