इस साल गणतंत्र दिवस के परेड में दिल्ली की झांकी शामिल नहीं की गई थी। तब आम आदमी पार्टी ने आसमान सर पर उठा लिया था। पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल के साथ साथ हर छोटा बड़ा नेता इसे दिल्ली का अपमान बता रहा था। बताया जा रहा था कि 2020 के बाद से दिल्ली की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में नहीं शामिल की गई है। आप की ओर से कहा जा रहा है कि दिल्ली देश की राजधानी है इसलिए पूरे देश का प्रतिनिधित्व उसकी झांकी में होता है। सरकार की ओर से सिर्फ इतना कहा जा रहा है कि झांकी शामिल करने या नहीं करने का फैसला विशेषज्ञों का एक पैनल करता है और उसमें रक्षा मंत्रालय की कोई भूमिका नहीं होती है।
अब अचानक दिल्ली की झांकी गणतंत्र दिवस परेड में शामिल कर दी गई है। इसकी सूचना कई दिन पहले दिल्ली सरकार को मिल गई थी। 23 जनवरी को फुल ड्रेस रिहर्सल से काफी पहले दिल्ली सरकार को पता चल गया था लेकिन किसी ने इस पर मुंह नहीं खोला। आम आदमी पार्टी वाले तो चुप रह ही गए, भाजपा के किसी नेता ने इसका श्रेय नहीं लिया कि केंद्र सरकार ने दिल्ली की झांकी शामिल कर दी। बताया जा रहा है कि दिल्ली के शिक्षा मॉडल को दिल्ली की झांकी में दिखाया जाएगा। ऐस लग रहा है कि भाजपा नेता इस वजह से भी चुप रह गए कि अब क्या कहेंगे कि कैसे विशेषज्ञ पैनल ने अब दिल्ली की झांकी को शामिल कर लिया। जो हो पांच फरवरी को दिल्ली में विधानसभा का चुनाव है और उससे पहले 26 जनवरी को कर्तव्य पथ पर दिल्ली की झांकी दिखाई देगी।
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