अगले महीने राज्यसभा की चार सीटों पर चुनाव होने वाला हैं। इसकी अधिसूचना जारी हो गई है। चुनाव 25 जून को होगा। इन चार में से तीन सीटें केरल की, जिन पर नियमित चुनाव हो रहा है और एक सीट महाराष्ट्र की है, जिस पर उपचुनाव हो रहा है। यह सीट प्रफुल्ल पटेल के इस्तीफे से खाली हुई है। इस सीट का चार साल का कार्यकाल बचा हुआ है। लेकिन प्रफुल्ल पटेल ने इससे इस्तीफा देकर छह साल के पूर्ण कार्यकाल वाली सीट ले ली। अब सवाल है कि इस सीट से कौन राज्यसभा में जाएगा? गठबंधन में यह सीट एनसीपी को मिलेगी। सो, क्या अजित पवार परिवार से किसी को उच्च सदन में भेजेंगे? कहा जा रहा है कि अगर उनकी पत्नी बारामती से चुनाव नहीं जीतती हैं तो वे राज्यसभा जा सकती हैं।
जहां तक केरल की तीन सीटों का मामला है तो ये तीनों सीटें सत्तारूढ़ वाम मोर्चे की हैं। दो सीटें कम्युनिस्ट पार्टियों की हैं और एक सीट केरल कांग्रेस एम की हैं। केरल कांग्रेस एम का कहना है कि गठबंधन धर्म निभाने के लिए सीट उनको मिलनी चाहिए। अगर उनको सीट मिलती है तो सीपीआई के कोटे की सीट कम हो जाएगी। विधानसभा का जो गणित है उसके मुताबिक एक सीट जीतने के लिए 37 वोट की जरुरत है। इस तरह से सत्तारूढ़ गठबंधन को दो ही सीट मिलेगी। कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन के पास 41 विधायक हैं। इसलिए एक सीट उसको मिलेगी। हालांकि उधर भी खींचतान है कि सीट कांग्रेस के पास रहे, जिसके 21 विधायक हैं या इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग को जाए, जिसके 15 विधायक हैं।
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