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भाजपा का यादव प्रयोग चालू है!

ByNI Political,
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नरेंद्र भाई

नरेंद्र मोदी की केंद्र की कमान के 10 साल हो गए और मोटे तौर पर बिहार, उत्तर प्रदेश और झारखंड, जहां यादव सबसे बड़ी ओबीसी आबादी हैं वहां यादवों ने भाजपा को वोट नहीं किया। फिर भी भाजपा का यादव प्रयोग खत्म नहीं हो रहा है। यादव को अपने साथ लाने के लिए जितने संभव उपाय हैं सब भाजपा ने किए हैं। उसी में एक उपाय मध्य प्रदेश में मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाने का है। यही एक दांव बचा हुआ था, जिसे भाजपा ने इस बार चल दिया है। इससे पहले बाकी कई दांव आजमाए गए। यह भी एक दिलचस्प बात है कि, जहां भी भूपेंद्र यादव पहुंचते हैं वहां जरूर यह दांव आजमाया जाता है।

इसकी शुरुआत बिहार से हुई, जहां 2014 में राजद के रामकृपाल यादव टूट कर भाजपा में गए और पाटलीपुत्र सीट पर मीसा भारती को हरा कर दिल्ली आए तो उनको केंद्र में मंत्री बनाया गया। पार्टी ने उनको काफी प्रमोट किया। इसके बाद 2015 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने सबसे ज्यादा यादव उम्मीदवार उतारे। यादव समाज से आने वाले नित्यानंद राय को प्रदेश अध्यक्ष बनाया और 2019 में दोबारा केंद्र में सरकार बनी तो नित्यानंद राय को अमित शाह के साथ गृह राज्य मंत्री बनाया गया। इस पूरी प्रक्रिया के दौरान भूपेंद्र यादव बिहार के प्रभारी थे। बताया जाता है कि उन्होंने ही लालू प्रसाद के बेहद करीब रहे झारखंड के यादव परिवार से आने वाली अन्नपूर्ण देवी को भाजपा में शामिल कराया। बाद में 2021 में प्रधानमंत्री मोदी ने उनको अपनी सरकार में मंत्री बनाया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जिस तरह का सम्मान मुलायम सिंह यादव के प्रति दिखाया वह भी यादव प्रयोग का ही हिस्सा था। अयोध्या के कारसेवकों पर गोली चलवाने वाले मुलायम सिंह को मोदी सरकार ने मरणोपरंता पद्म विभूषण से सम्मानित किया। उनके घर की शादी में शामिल होने के लिए प्रधानमंत्री मोदी सैफई गए और जब मुलायम सिंह का निधन हुआ तो केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुड़गांव के मेदांता अस्पताल जाकर उनको श्रद्धांजलि दी तो रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह श्रद्धांजलि देने सैफई पहुंचे थे। लालू प्रसाद के परिवार के सदस्यों पर भी कई बार छापे पड़े हैं लेकिन हकीकत यह है कि छापों के अलावा कोई कार्रवाई नहीं की गई है। लालू प्रसाद जेल में जरूर रहे लेकिन वह चारा घोटाले में निचली अदालत से सजा होने की वजह से जेल में रहे। किसी नए मामले में उनके परिवार से किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है।

अब इस प्रयोग का नया राज्य मध्य प्रदेश है। भाजपा ने वहां मोहन यादव को मुख्यमंत्री बनाया है और संयोग है कि वहां के चुनाव प्रभारी भूपेंद्र यादव थे। बहरहाल, भाजपा ने इस दांव से सभी राज्यों में यादव मतदाताओं को मैसेज दिया है। पूरे देश में मोहन यादव इकलौते यादव सीएम हैं। इस दांव का इस्तेमाल भाजपा मुस्लिम-यादव यानी माई समीकरण को तोड़ने के लिए भी कर सकती है। हालांकि जिस गैर यादव पिछड़ी आबादी पर भाजपा इतनी मेहनत कर रही है उस पर इसका क्या असर होगा, यह देखने वाली बात होगी।

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