भारत में गूगल की सर्च हिस्ट्री में कई हीरो या हीरोइन के सर्च की खबरें साल के अंत में आई थीं। लेकिन पूरी सूची सामने आती तो पता चलता की कहीं न कहीं अमेरिकी कारोबारी जॉर्ज सोरोस भी उस सूची में हैं। भारत में निश्चित रूप से सबसे ज्यादा सर्च किए जाने वाले और सबसे ज्यादा नफरत किए जाने वाले लोगों की सूची में सोरोस का नाम होगा। असल में भारतीय जनता पार्टी ने सोरोस को सबसे बड़ा विलेन बना कर पेश किया। उनके बारे में पार्टी के आधिकारिक प्रवक्ताओं से लेकर केंद्रीय मंत्रियों और संसद के अंदर पार्टी के वक्ताओं की ओर से कहा गया कि सोरोस भारत विरोधी व्यक्ति हैं।
भाजपा के प्रवक्ताओं ने देश के लोगों को समझाया कि सोरोस दुनिया भर की ऐसी संस्थाओं को मदद करते हैं, जो भारत विरोधी गतिविधियां चलाती हैं। उनको पहले नरेंद्र मोदी का विरोधी कहा गया और फिर भारत विरोधी ठहराया गया। इसके पीछे एक कारण यह था कि ऑर्गेनाइडज्ड क्राइम एंड करप्शन रिपोर्टिंग प्रोजेक्ट यानी ओसीसीआरपी नाम की संस्था को सोरोस की कंपनी की ओर से फंड मिलता है और इस संस्था ने पेगासस से भारत में जासूसी और शेयर बाजार में अडानी की हेराफेरी का खुलासा किया था।
बहरहाल, भाजपा और केंद्र सरकार के मंत्रियों ने जिन सोरोस को विलेन बनाया उनको अमेरिका के सर्वोच्च सम्मान के लिए चुना गया है। परंपरा के मुताबिक अपनी विदाई से पहले राष्ट्रपति जो बाइडेन ने 19 लोगों को अमेरिका के सर्वोच्च सम्मान ‘प्रेजिडेंट मेडल ऑफ फ्रीडम’ के लिए चुना है। उनमें एक नाम जॉर्ज सोरोस का भी है। सोचें, एक तरफ निर्वाचित राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नरेंद्र मोदी को अपने शपथ समारोह का न्योता नहीं दिया तो दूसरी ओर राष्ट्रपति बाइडेन ने कथित भारत विरोधी सोरोस को अमेरिका का सर्वोच्च सम्मान दे दिया।
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Image Source: ANI


