हरियाणा में कांग्रेस पार्टी के राज्यसभा उम्मीदवार करमबीर बौद्ध चुनाव जीत गए हैं। वे बहुत मामूली अंतर से चुनाव जीते क्योंकि कांग्रेस के पांच विधायकों ने क्रॉस वोटिंग की, जबकि चार विधायकों के वोट अवैध हो गए। देर रात कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने चुनाव आयोग को चिट्ठी लिखी और कांग्रेस नेताओं ने दबाव बनाया तब जाकर एक विधायक की वोट को मान्यता दी गई अन्यथा वह भी अवैध हो रही थी। इसी तरह भाजपा का भी एक वोट अवैध हुआ तब जाकर 28 वोट पर बौद्ध की जीत हुई।
सोचें, हरियाणा में कांग्रेस के 37 विधायक हैं और चुनाव जीतने के लिए 31 वोट की जरुरत थी। इंडियन नेशनल लोकदल के दो विधायकों ने वोटिंग में हिस्सा नहीं लिया तो जीत का आंकड़ा 30 पर आ गया। लेकिन 37 विधायकों वाली पार्टी के उम्मीदवार को 28 वोट मिले। इसके लिए भी भूपेंद्र सिंह हुड्डा को पूरा जोर लगाना पड़ा। 78 साल के हुड्डा खुद इलेक्शन एजेंट बने थे और हर विधायक पर नजर ऱख हुए थे। असल में राहुल गांधी ने उम्मीदवार ऐसा चुना कि उसका जीतना पहले ही नामुमकिन हो गया था। करमबीर बौद्ध कांग्रेस से नहीं जुड़े थे। प्रदेश कांग्रेस की ओर से कहा गया था कि राहुल किसी बाहरी को उम्मीदवार न बनाएं। प्रदेश में दो बार राज्यसभा चुनाव में गड़बड़ी हो चुकी थी। फिर भी राहुल ने बौद्ध को उम्मीदवार बना कर पार्टी नेताओं को परेशानी में डाला। अब अगले चुनाव यानी 2028 के लिए भी कांग्रेस की मुश्किल हो गई।


