यह बहुत दिलचस्प घटनाक्रम है और मजेदार यह है कि भाजपा और राइटविंग का इकोसिस्टम इसको हाईलाइट कर रहा है। यह सवाल पूछा जा रहा है कि जब राहुल गांधी ने अपनी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में देश के सबसे बड़े कारोबारी मुकेश अंबानी की तस्वीर लगा कर उन पर निशाना साधा तो फिर दूसरी प्रेस कॉन्फ्रेंस में से उनकी तस्वीर क्यों हटा दी गई है? कई तरह की बातें कहीं जा रही हैं। ऊपर से फोन आने से लेकर किसी अन्य तरह से मैनेज होने की बात कही जा रही है। तभी सवाल है कि क्या राहुल गांधी मैनेज हो गए? राहुल ने अभी तक अपनी ऐसी ही इमेज बनाई है कि उनको कोई मैनेज नहीं कर सकता।
पर इस घटनाक्रम के बाद सवाल उठे हैं। असल में राहुल ने इंदौर में 19 सितंबर को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम किया था। उस कार्यक्रम की थीम थी ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट’। उसमें राहुल ने छह लोगों की एक स्लाइड दिखाई, जिसमें भाजपा और संघ के शीर्ष नेताओं के अलावा दो कारोबारियों मुकेश अंबानी और गौतम अडानी की तस्वीर भी थी। रा
हुल ने दावा किया कि इन लोगों ने पूरे सिस्टम पर कब्जा कर रखा है। लेकिन चुनाव आयोग को लेकर खुलासे के बाद 24 सितंबर को राहुल ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की, जिसकी थीम ‘डिस्ट्रॉयर्स ऑफ डेमोक्रेसी’ थी, उसमें जो स्लाइड दिखाई उसमें गौतम अडानी की तस्वीर तो थी लेकिन मुकेश अंबानी की तस्वीर नहीं थी। इसके बाद सवाल उठा कि राहुल ने उनकी तस्वीर क्यों हटा दी। कई लोगों ने लिखा कि परिवार से पुराने रिश्ते हैं। उनके अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से रिश्तों और निवेश का भी जिक्र हुआ। लेकिन असलियत का पत तब चलेगा, जब राहुल फिर कोई प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे और ऐसी ही स्लाइड दिखाएंगे।
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