राहुल गांधी केंद्र की भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर लगातार तानाशाही और फासीवाद के आरोप लगाते रहते हैं। लेकिन उनके चहेते मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने कहा है कि वे हिटलर से प्रेरणा लेते हैं। सोचें, कोई भी व्यक्ति कैसे हिटलर से प्रेरणा ले सकता है? ज्ञात इतिहास में इंसानियत के सबसे बड़े दुश्मनों में हिटलर का नाम आता है। उसके पूरे शासन में कुछ भी अच्छा नहीं था, तभी आज जर्मनी में हिटलर का नाम लेना तक गुनाह माना जाता है। लेकिन लोकतांत्रिक भारत में एक मुख्यमंत्री को हिटलर से प्रेरणा मिलती है!
रेवंत रेड्डी ने हिटलर के हाइड्रा प्रोजेक्ट का जिक्र किया, जिसका काम मनमाने तरीके से लोगों की हत्या करना था। उस हाइड्रा के नाम पर उन्होंने हैदराबाद के वाटर प्रोजेक्ट का नाम रखा है। गौरतलब है कि रेवंत रेड्डी पहले राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ के छात्र संगठन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े रहे हैं। हालांकि संघ भी सार्वजनिक रूप से हिटलर, मुसोलिनी का जिक्र नहीं करता है। कहा जाता है कि बीआर मुंजे ने इटली में मुसोलिनी के संगठन का अध्ययन किया था औऱ संघ के संस्थापक को इसके बारे में बताया था। सो, हो सकता है कि उसका कुछ असर हो लेकिन कोई सार्वजनिक रूप से हिटलर और मुसोलिनी से प्रेरित होने की बात नहीं करता है।


