यह लाख टके का सवाल है कि अंतिम मतदाता सूची में पश्चिम बंगाल में कितने नाम कटेंगे? अब यह तय हो गया है कि बंगाल की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को जारी होगी। इसे आगे नहीं बढ़ाया जा सकता है। क्योंकि अगर इसे आगे बढ़ाया गया तो चुनाव टलने का खतरा पैदा हो जाएगा। ध्यान रहे मार्च में पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव की घोषणा होनी है। इसलिए जरूरी है कि फरवरी के अंत तक अंतिम मतदाता सूची जारी हो जाए। पिछले दिनों असम की मतदाता सूची जारी हुई। इसमें मसौदा मतदाता सूची के बाद करीब ढाई लाख लोगों के नाम कट गए। इसका जिक्र इसलिए जरूरी है क्योंकि मसौदा मतदाता सूची आने के बाद असम भाजपा के नेताओं ने कहा था कि चार से पांच लाख और लोगों के नाम कटेंगे। उनमें से ढाई लाख के नाम कटे हैं।
पश्चिम बंगाल में मसौदा मतदाता सूची में 58 लाख से कुछ ज्यादा नाम कटे थे। उसके बाद से 32 लाख लोगों को अनमैप्ड बता कर नोटिस जारी किया गया था और सवा करोड़ लोगों को लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज के नाम पर नोटिस भेजा गया था। बताया जा रहा है कि अनमैप्ड मतदाताओं में से तीन लाख के करीब लोगों का नाम संदिग्ध बताया जा रहा है और लॉजिकल डिस्क्रिपेंसीज के नाम पर भी कुछ नाम कटेंगे। अगर मसौदा मतदाता सूची में से भी बड़ी संख्या में नाम कटते हैं तो उस पर विवाद होगा। हालांकि यह तय नहीं है कि नाम कटेंगे तो सिर्फ ममता बनर्जी के समर्थकों के नाम कटेंगे। लेकिन इसका मैसेज यही जाएगा कि जान बूझकर ममता समर्थकों के नाम कटे हैं।


