भारतीय मौसम विज्ञान विभाग यानी आईएमडी के कामकाज को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि यह भी एक तथ्य है कि मौसम विभाग उन थोड़े से सरकारी विभागों में है, जो कमाई कर रहा है। यह अलग बात है कि सरकारी एजेंसियों से ही उसको ज्यादा पैसा मिलता है फिर भी आईएमडी ने पिछले साल डेढ़ सौ करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की है। लेकिन पिछले कुछ समय पूर्वानुमानों में लगातार असफल होने की वजह से उस पर सवाल उठ रहे हैं।
वैसे भी भारत में मौसम विभाग की भविष्यवाणी को मजाक का विषय ही माना गया है क्योंकि मौसम विभाग की ओर से जो भविष्यवाणी की जाती है अक्सर उसका उलटा होता है। लेकिन पिछले कुछ समय से मौसम के मिजाज को बिल्कुल नहीं भांप पाने का आरोप मौसम विभाग पर है।
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मौसम विभाग की भविष्यवाणी सवालों में
असल में पिछले 10 दिन में दिल्ली में तीन बार ऐसे तूफान आए, जिनके बारे में मौसम विभाग ने कोई अलर्ट नहीं जारी किया था। मौसम विभाग अलर्ट जारी करे और कुछ नहीं हो वह अलग बात है। लेकिन अलर्ट जारी नहीं हो और कुछ बड़ा हो जाए तो उसका नुकसान होता है। इसकी शुरुआत एक और दो मई की दरम्यानी रात से हुई है। उस दिन बड़ी तेज आंधी आई और खूब तेज बारिश भी हुई। इसका अलर्ट मौसम विभाग ने नहीं किया था।
अभी पिछले दो तीन दिन में राजस्थान से धूल भरी आंधी चली और दिल्ली में उससे बड़ा नुकसान हुआ उसका अंदाजा भी मौसम विभाग ने नहीं जाहिर किया था। पिछले 20 दिन में कम से कम तीन बार ऐसा हुआ है कि मौसम विभाग का कोई अलर्ट नहीं था और तेज आंधी आ गई या बारिश हो गई। इससे विमानों के परिचालन पर बड़ा असर हुआ।
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