पाकिस्तान के साथ सीजफायर के फैसले से एक तरफ जहां सामरिक जानकार हैरान हैं वहीं भाजपा के समर्थक निराश और नाराज हैं। पूरा सोशल मीडिया उनकी भड़ास से भरा है। हालांकि एक खास तबका, जो भाजपा इकोसिस्टम से जुड़ा है वह मसूद अजहर के परिवार के लोगों और रऊफ अजहर के मारे जाने को बड़ी उपलब्धि बता कर प्रचारित कर रहे हैं।
लेकिन ज्यादातर भाजपा समर्थक खुश नहीं हैं। उनका कहना है कि पहलगाम हमले को अंजाम देने वाले पांचों लोगों को क्यों नहीं सजा दी गई है। बिहार के कई लोगों ने यह मुद्दा उठाया कि प्रधानमंत्री ने मधुबनी में कहा था कि पहलगाम में हिंदुओं की हत्या करने वालों को ऐसी सजा मिलेगी, जिसकी उन्होंने कल्पना नहीं होगी। उन्होंने यह भी कहा था कि आतंकवादियों की बची खुची जमीन को भी मिट्टी में मिला देने का समय आ गया है।
सीजफायर से नाराज दिखे समर्थक
लेकिन न तो पहलगाम के हमलावरों को सजा मिली और न आतंकवादियों की जमीन खत्म हुई। गौरतलब है कि पहलगाम में हमला करने वाले पांचों लोगों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। अमेरिका और इजराइल का हवाला देकर यह भी बताया जा रहा है कि अमेरिका में 9/11 हमले को अंजाम देने वाले एक एक आतंकवादी को खोज कर अमेरिका ने मारा।
उसका बदला लेने के लिए उसने अफगानिस्तान को मिट्टी में मिला दिया। भारत ने ऐसा बदला नहीं लिया है। भारत आतंकवादियों के ठिकाने को निशाना बनाया लेकिन उससे कोई फर्क नहीं पड़ता है क्योंकि उनका ठिकाना नए सिरे से बन जाएगा। इजराइल ने जिस तरह नसरल्ला और इस्माइल हानिया को मारा था वैसे ही हाफिज सईद और मसूद अजहर को मारने की बात की जा रही थी। लेकिन वह भी नहीं हुआ है। ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू होने के बाद बढ़ चढ़ कर दावे करने वाले तमाम लोगों के मुंह पर ताले लगे हैं।
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Pic Credit: ANI
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