भारत के शेयर बाजार का मूल्य लगातार गिरता जा रहा है। अब यह खिसक कर सातवें स्थान पर पहुंच गया है। पिछले दिनों खबर आई थी कि ताइवान की सिर्फ एक कंपनी टीएसएमसी का बाजार मूल्य बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज यानी बीएसई में सूचीबद्ध सभी कंपनियों के बाजार मूल्य से ज्यादा हो गई है। जाहिर है जब एक कंपनी का मूल्य ही पूरे शेयर बाजार से ज्यादा हो जाएगा तो उस देश का पूरा शेयर बाजार तो आगे निकलेगा ही। सो, ताइवान शेयर बाजार का मूल्य भारत के शेयर बाजार से ज्यादा हो गया। इसके बाद खबर आई कि दक्षिण कोरिया का बाजार भी भारत से आगे निकल गया। अमेरिका, जापान, चीन और हॉन्गकॉन्ग पहले से ऊपर थे। इन चार देशों के बाद ताइवान और दक्षिण कोरिया आ गए।
ताइवान और दक्षिण कोरिया का बाजार सिर्फ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी एआई कंपनियों के शेयरों में आई तेजी की वजह से बढ़ा है। ध्यान रहे दक्षिण कोरिया की कंपनी सैमसंग चिप डिजाइन करने वाली सबसे बड़ी दो कंपनियों में से एक है। अब दक्षिण कोरिया का शेयर बाजार पांच ट्रिलियन डॉलर का है और ताइवान का शेयर बाजार 5।2 ट्रिलियन डॉलर का है। भारत अब भी चार ट्रिलियन डॉलर के आसपास अटका है। इसका कारण यह है कि भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस पर कोई काम नहीं हो रहा है। इसमें भारत इतना पिछड़ गया है और अमेरिका, चीन, ताइवान और दक्षिण कोरिया इतना आगे निकल गए हैं कि उन तक पहुंचना नामुमकिन हो गया है। यही स्थिति रही तो शेयर बाजार की हालत और कमजोर होगी। एआई में पिछड़ने का ही नतीजा है कि भारत में विदेशी निवेश भी नहीं आ रहा है।


