राज्य-शहर ई पेपर व्यूज़- विचार

बशीरहाट क्या ममता के लिए सुरक्षित सीट है

यह लाख टके का सवाल है कि क्या ममता बनर्जी बशीरहाट लोकसभा सीट से चुनाव लड़ेंगी और अगर लड़ेंगी तो क्या वह सीट उनके लिए सुरक्षित है? गौरतलब है कि विधानसभा का चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी किसी भी सदन की सदस्य नहीं हैं। वे राज्यसभा में नहीं जा सकती हैं क्योंकि अगर उनके लिए कोई समर्थक सीट खाली भी करता है तो वह बाई डिफॉल्ट सत्तारूढ़ दल यानी भाजपा के खाते में चली जाएगी। उन्होंने यूसुफ पठान से बहरामपुर सीट खाली कराने की कोशिश की थी लेकिन सीट खाली करने की बजाय वे बागी हो गए और भाजपा के समर्थन में चले गए। ऐसे में ममता बनर्जी के पास उत्तर 24 परगना की मुस्लिम बहुल बशीरहाट सीट है, जो सांसद हाजी नुरूल इस्लाम के निधन से खाली हुई है।

बशीरहाट उन क्षेत्रों में है, जहां 50 फीसदी से ज्यादा मुस्लिम मतदाता हैं। पिछली बार ममता बनर्जी के उम्मीदवार को आठ लाख तीन हजार यानी 52 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे और फुरफुरा शरीफ जैसे मुस्लिम इदारे की ओर से समर्थित इंडियन सेकुलर फ्रंट के उम्मीदवार अख्तर रहमान को सवा लाख वोट मिले थे। यानी सवा नौ लाख वोट दो मुस्लिम उम्मीदवारों को मिले थे। भाजपा की रेखा पात्रा तीन लाख 33 हजार वोट से हारी थीं। एक और खास बात यह है कि इस सीट से 10 बार सीपीआई जीती है। इंद्रजीत गुप्ता दो बार जीते हैं। एक बार भी सीपीआई ने मुस्लिम सांसद नहीं बनाया। हालांकि ममता बनर्जी की पार्टी से पिछले चार चुनावों में चार अलग अलग मुस्लिम ही जीते हैं। ऊपर से देखने पर यह सीट ममता के लिए मुफीद है लेकिन मुश्किल यह है कि हुमायूं कबीर या असदुद्दीन ओवैसी या नौशाद सिद्दीकी ने मुस्लिम उम्मीदवार उतारे तो क्या होगा? अगर ममता वहां से लड़ती हैं और जीतती हैं तो यह इस बात का संकेत होगा कि अभी कम से कम एक चुनाव तक मुसलमानों का समर्थन उनके साथ रहेगा।

By NI Political Desk

Get insights from the Nayaindia Political Desk, offering in-depth analysis, updates, and breaking news on Indian politics. From government policies to election coverage, we keep you informed on key political developments shaping the nation.

Leave a comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

7 + 15 =