बाकी पार्टियों में क्रॉस वोटिंग होती है तो वह बड़ा मुद्दा नहीं बनता है। लेकिन आज की भाजपा में क्रॉस वोटिंग हो जाना निश्चित रूप से बड़ा मुद्दा है। कर्नाटक में भाजपा के 11 विधायकों ने एमएलसी के चुनाव में क्रॉस वोटिंग की है। इस पर सिर फुटौव्वल है। भाजपा आलाकमान को इसकी पूरी जानकारी चाहिए। दिल्ली से कहा गया है कि किसी तरह से उन 11 लोगों की पहचान की जाए, जिन्होंने कांग्रेस उम्मीदवार के समर्थन में वोट किया। 11 लोगों की क्रॉस वोटिंग के कारण भाजपा की सहयोगी जनता दल एस का उम्मीदवार हार गया और कांग्रेस का पांचवां उम्मीदवार जीत गया।
भाजपा के कई नेता इस मामले में सीधे प्रदेश अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र का ही नाम लेने लगे हैं। कहा जा रहा है कि विजयेंद्र और मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के कारोबारी रिश्ते हैं। इस वजह से विजयेंद्र ने ही अपने लोगों से कांग्रेस के समर्थन में क्रॉस वोटिंग कराई ताकि नए मुख्यमंत्री बने शिवकुमार मजबूत हों। हालांकि विजयेंद्र इन आरोपों को खारिज कर रहे हैं और कह रहे हैं कि उनका शिवकुमार से कोई कारोबारी संबंध नहीं है। उन्होंने तो धर्मस्थल की यात्रा के दौरान कहा था कि भाजपा के सभी विधायकों को यहां लाकर ईश्वर के सामने सौगंध दिला कर पूछा जाना चाहिए कि किसने क्रॉस वोटिंग की। जो हो यह मामला तूल पकड़ रहा है और भाजपा के अदंर येदियुरप्पा खेमा सक्रिय हो गया है ताकि उनके बेटे विजयेंद्र को किनारे किया जा सके। गौरतलब है कि कर्नाटक भाजपा अब भी लगभग पूरी तरह से येदियुरप्पा और उनके परिवार के असर में है।


