यह कमाल की बात है कि भारतीय जनता पार्टी जेडीएस के सांसद और हासन सीट से एनडीए के उम्मीदवार प्रज्ज्वल रेवन्ना के ऊपर लगे आरोपों की आलोचना कर रहे हैं, कई तरह की बातें कर रहे हैं लेकिन तालमेल खत्म नहीं कर रहे हैं। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा है कि उनकी पार्टी महिलाओं पर अत्याचार करने वालों का साथ नहीं देती है। इसी तरह कर्नाटक के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष बीवाई विजयेंद्र ने कहा कि अगर प्रज्ज्वल रेवन्ना के बारे में पहले से पता होता तो उनको गठबंधन की ओर से उम्मीदवार नहीं बनाया गया होता। अब उनकी पार्टी जेडीएस ने उनको निष्कासित कर दिया है।
गौरतलब है कि प्रज्ज्वल के ऊपर सैकड़ों महिलाओं का यौन शोषण करने का आरोप लगा है। सैकड़ों की संख्या में उनकी वीडियो वायरल हुई है। इतना ही नहीं भाजपा के नेता देवराजे गौड़ा ने बताया है कि उन्होंने पिछले ही साल यानी 2023 में ही भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष विजयेंद्र को बता दिया था कि प्रज्ज्वल के ऊपर इस तरह के आरोप हैं। इसका बावजूद जेडीएस के साथ भाजपा ने तालमेल किय़ा और प्रज्ज्वल रेवन्ना को हासन सीट से उम्मीदवार बनाया। अब सवाल है कि अमित शाह कह रहे हैं कि महिलाओं पर अत्याचार करने वालों का साथ नहीं देंगे या विजयेंद्र कह रहे हैं कि पहले पता होता तो टिकट नहीं देते तो अब जेडीएस के साथ तालमेल खत्म क्यों नहीं कर देती भाजपा? जब दो बड़े नेता एचडी रेवन्ना और प्रज्ज्वल रेवन्ना ऐसा आरोप में फंसे हैं तो पार्टी देवगौड़ा परिवार औऱ उनकी पार्टी दोनों से दूरी बनाए। लेकिन ऐसा लग रहा है कि अगले चरण की 14 बची हुई सीटों की चिंता में भाजपा ऐसा नहीं कर रही है।
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