आम आदमी पार्टी के नेता अरविंद केजरीवाल ने गुजरात विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू कर दी है। अगले साल पंजाब का चुनाव है, जहां उनको अपनी सरकार बचानी है तो दूसरी ओर गोवा और गुजरात में कांग्रेस पार्टी की राजनीतिक संभावना को समाप्त करना है। गौरतलब है कि पिछले विधानसभा चुनाव में केजरीवाल की पार्टी को गोवा में छह फीसदी के करीब वोट मिले थे। उन्होंने और ममता बनर्जी ने गोवा में कांग्रेस की हार सुनिश्चित की थी। इसी तरह गुजरात के चुनाव में केजरीवाल की पार्टी ने 13 फीसदी वोट हासिल किए थे और पहली बार ऐसा हुआ कि कांग्रेस पार्टी मुख्य विपक्षी पार्टी भी नहीं बन पाई, जबकि उससे पहले यानी 2017 के चुनाव में कांग्रेस ने कड़ी टक्कर दी थी।
बहरहाल, गुजरात चुनाव की तैयारियों के सिलसिले में केजरीवाल ने ऐलान किया है कि गुजरात में उनकी पार्टी की सरकार बनी तो वे हर महिला को एक एक हजार रुपए देंगे। सोचें, दिल्ली में उन्होंने महिलाओं को नकद रुपए देने की घोषणा की थी, जिस पर अमल नहीं किया। भाजपा ने भी महिलाओं को नकद रुपए देने का वादा करके चुनाव जीता लेकिन एक साल बाद तक भाजपा महिलाओं को रुपए नहीं दे रही है। पंजाब में जरुर आम आदमी पार्टी की सरकार महिलाओं को पैसे देती है। लेकिन गुजरात में, जहां प्रति व्यक्ति आय काफी अच्छी है और उसी गुजरात मॉडल को दिखा कर नरेंद्र मोदी देश भर में जीते थे। वहां क्या केजरीवाल का एक एक हजार रुपया देने का दांव चलेगा? उनकी पार्टी इसकी चिंता नहीं कर रही है। आप के एक नेता का कहना है कि उनका मकसद किसी तरह से कांग्रेस को रोकना है। इस बार आप का लक्ष्य वोट प्रतिशत में कांग्रेस से आगे निकलने का है।
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