केंद्रीय मंत्री और जेडीएस के नेता एचडी कुमारस्वामी दिल्ली छोड़ कर वापस कर्नाटक की राजनीति में लौटना चाहते हैं। कांग्रेस ने जब से डीके शिवकुमार को मुख्यमंत्री बनाया है तब से कुमारस्वामी की मुश्किलें बढ़ गई हैं। शिवकुमार को अगर कांग्रेस मुख्यमंत्री नहीं बनाती तो पिछली बार उनके नाम पर वोट करने वाला वोक्कालिगा समुदाय एक बार फिर पूरी तरह से जेडीएस की तरफ लौटता। चूंकि वोक्कालिगा आबादी की सघनता दक्षिण कर्नाटक में है और वहां वोक्कालिगा, जिसके साथ जाता है मुस्लिम का वोट भी उसको मिलता है। अगर वह जेडीएस की ओर जाता तो मुस्लिम वोट भी मिलता।
पिछली बार वोक्कालिगा और मुस्लिम दोनों अलग हुए थे, जिससे जेडीए को बड़ा नुकसान हुआ और कांग्रेस को फायदा हुआ। अब डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने से वोक्कालिगा वोट पूरी तरह से उनके साथ कंसोलिडेट होगा। उन्होंने खुल कर वोक्कालिगा समाज और जेडीए समर्थकों को कांग्रेस के साथ आने का आह्वान किया है। इससे कुमारस्वामी की चिंता बढ़ी है। वे केंद्र में मंत्री तो हैं लेकिन कर्नाटक की राजनीति में उनके हाथ में कुछ नहीं है। उनके पिता और पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा की राज्यसभा का कार्यकाल खत्म हो गया। वे फिर से राज्यसभा नहीं जा पाए। इससे भी जेडीएस को मनोवैज्ञानिक तौर पर झटका लगा है। तभी कुमारस्वामी दिल्ली छोड़ कर कर्नाटक में डेरा डालने की सोच रहे हैं।
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