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प्रशांत किशोर पर इतना बवाल!

ByNI Political,
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चुनाव विश्लेषक और रणनीतिकार प्रशांत किशोर यानी पीके इस बार लोकसभा चुनाव में भाजपा के जीतने की भविष्यवाणी करके फंस गए हैं। उनको सोशल मीडिया में बुरी तरह से टारगेट किया जा रहा है। करण थापर के साथ उनका एक इंटरव्यू वायरल हो रहा है, जिसमें थापर उनको इस बात पर घेरने की कोशिश कर रहे हैं कि पीके ने 2022 में हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस के हारने की भविष्यवाणी की थी, जबकि कांग्रेस जीत गई थी। पीके इससे इनकार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि उनका कोई वीडिया दिखाइए, जिसमें उन्होंने ऐसा कहा हो। बाद में उनका एक ट्विट वायरल हुआ, जो उन्होंने कांग्रेस के संगठन और कामकाज को लेकर किया था लेकिन उसी में एक लाइन लिखा हुआ था कि गुजरात और हिमाचल में कांग्रेस हारेगी। गुजरात में तो कांग्रेस 10 फीसदी भी सीट नहीं जीत पाई, जबकि हिमाचल प्रदेश में जीत गई। अब इसे आधार बना कर कहा जा रहा है कि पीके जो भाजपा को बहुमत मिलने की बात कर रहे हैं उसका कोई मतलब नहीं है क्योंकि वे हिमाचल प्रदेश में गलत साबित हो गए थे।

सोचें, पिछले 10 साल में प्रशांत किशोर ने एक दर्जन पार्टियों को चुनाव लड़वाया है और दो दर्जन से ज्यादा चुनाव की भविष्यवाणियां की हैं, जिनमें से एक या दो गलत साबित हो गईं तो करण थापर जैसे पत्रकार अपने एलीट अहंकार में प्रशांत किशोर को कठघरे में खड़ा कर रहे हैं,  जिनकी अपनी सारी भविष्यवाणियां गलत साबित होती हैं। करण थापर जैसे अनेक पत्रकार जो एक अनुमान गलत साबित होने पर पीके को घेर रहे हैं वे पिछले 10 साल में हर चुनाव में भाजपा को हारते हुए बताते हैं और हर बार गलत साबित होते हैं। फिर भी वे पवित्र गाय की तरह हैं, जिन पर सवाल नहीं उठाया जा सकता है। पिछले साल के पांच राज्यों के चुनाव में योगेंद्र यादव कह रहे थे कि कांग्रेस चार में जीत सकती और तीन तो पक्का जीतेगी। लेकिन कांग्रेस एक जीती फिर भी लोकसभा चुनाव की उनकी भविष्यवाणी को पत्थर पर खींची लकीर की तरह पेश किया जा रहा है। सोचें, प्रशांत किशोर ने भाजपा के लिए 2012 के गुजरात चुनाव में और 2014 में लोकसभा चुनाव में काम किया। उसके बाद उन्होंने पंजाब, दिल्ली, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश आदि राज्यों में भाजपा के खिलाफ काम किया। लेकिन तब वे ट्रोल नहीं किए गए। वे कांग्रेस पार्टी में शामिल होने गए थे। तब भी ट्रोल नहीं हुए। लेकिन अब उन्होंने भाजपा के जीतने की बात कह दी तो सारा जमाना उनके पीछे पड़ गया।

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