अब यह तय हो गया कि सोनिया गांधी चुनाव नहीं लड़ेंगी। राजस्थान से राज्यसभा जाने का मतलब साफ है कि उनको चुनाव नहीं लड़ना है। इसके साथ ही यह भी लगभग साफ हो गया कि उनकी रायबरेली सीट से प्रियंका गांधी वाड्रा चुनाव लड़ सकती हैं। कांग्रेस के जानकार नेता पिछले कुछ दिनों से इसकी संभावना जता रहे थे। ध्यान रहे सोनिया गांधी पहले अमेठी सीट से जीती थीं। लेकिन 2004 में जब राहुल गांधी सक्रिय राजनीति में आए तो उन्होंने उनके लिए अमेठी सीट खाली कर दी थी। तब से वे रायबरेली से जीत रही थीं। पिछली बार राहुल गांधी अमेठी से चुनाव हार गए थे। भाजपा की स्मृति ईरानी ने दूसरे प्रयास में उनको हराया था।
तभी कांग्रेस के कई नेता चाहते थे कि प्रियंका अमेठी से लड़ें ताकि स्मृति ईरानी को चुनौती दी जा सके। लेकिन सोनिया इसके लिए तैयार नहीं हैं। वे नहीं चाहतीं कि परिवार का कोई और सदस्य स्मृति ईरानी से उलझे। वे सारे देश का फोकस प्रियंका बनाम स्मृति के चुनाव नहीं बनवाना चाहती हैं। इसके अलावा राहुल गांधी लड़ें या न लड़ें लेकिन उनकी अमेठी सीट उनके लिए सुरक्षित रखी जाएगी। अगर प्रियंका रायबरेली से लड़ती हैं तब भी यह बड़ा सवाल है कि अमेठी सीट से कौन लड़ेगा? यह तो संभव नहीं है प्रियंका के साथ साथ उनके पति रॉबर्ट वाड्रा भी चुनाव लड़ें। परिवार में तो कोई और ऐसा नहीं दिख रहा है, जिसको अमेठी से उतारा जाए। अमेठी संजय गांधी की सीट रही है और इस बार मेनका व वरुण गांधी दोनों के भाजपा से अलग होकर लड़ने की संभावना है। लेकिन सोनिया गांधी यह जोखिम नहीं ले सकती हैं कि उनमें से किसी को अमेठी सीट ऑफर की जाए। इसलिए कांग्रेस जितनी सीटों पर लड़ेगी उनमें सबसे दिलचस्प सीट अमेठी होगी कि वहां से पार्टी किसको लड़ाती है।
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