अकाली दल के बड़े नेता और पार्टी प्रमुख सुखबीर सिंह बादल की पत्नी हरसिमरत कौर बादल के भाई बिक्रम मजीठिया जेल से छूट गए हैं। राज्य की आम आदमी पार्टी की सरकार ने उनको रोकने का बड़ा प्रयास किया। ध्यान रहे राज्य के विजिलेंस विभाग ने उनके खिलाफ कई आरोप लगाए हैं। भ्रष्टाचार के साथ साथ नशीले पदार्थों की तस्करी आदि से जुड़े मुकदमे भी हैं। इसलिए उनको काफी समय तक जेल में रहना पड़ा। फिर जब उनको जमानत मिल गई तो पंजाब सरकार ने अदालत से गुहार लगाई कि मजीठिया को पंजाब में नहीं रहने दिया जाए और उनको सोशल मीडिया के इस्तेमाल से रोका जाए। अदालत ने दोनों मांग ठुकरा दी।
सो, अब मजीठिया पंजाब में रहेंगे और सोशल मीडिया का भी इस्तेमाल करेंगे। अकाली दल ने अदालत के फैसले का स्वागत किया है और मजीठिया की रिहाई को जश्न का बड़ा मौका बनाया है। ध्यान रहे पंजाब चुनाव में अब एक साल का समय रह गया है। बादल परिवार और मजीठिया परिवार जट्ट सिख वोट में अपना आधार मजबूत करने में लगा है। दूसरी ओर भाजपा दलित और पिछड़े मतदाताओं को लक्ष्य करके काम कर रही है। पिछले दिनों प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आदमपुर हवाईअड्डे का नाम गुरू रविदास जी महाराज हवाईअड्डा किया। वे रविदास समाज के डेरा सचखंड भी गए। ऐसा लग रहा है कि दोनों पुरानी सहयोगी पार्टियां इसलिए अलग अलग वोट बैंक को लक्ष्य कर रही हैं ताकि साथ आएं तो चुनाव जीतने लायक गठबंधन बने। पंजाब में हुए उपचुनावों से ऐसे संकेत मिले हैं कि दोनों पार्टियां साथ लड़ेंगी तो वे चुनाव जीत सकती हैं। तभी आम आदमी बनाम कांग्रेस की आमने सामने की लड़ाई में इस बार अकाली और भाजपा त्रिकोणीय मुकाबला बनाने के लिए काम करते दिख रहे हैं।


