mayawati bsp : बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने अपने भतीजे आकाश आनंद को उत्तराधिकारी य नेशनल कोऑर्डिनेटर के पद से क्यों हटाया यह किसी को समझ में नहीं आया।
उसके बाद उन्होंने आकाश को पार्टी से निकाला तो वह और भी कंफ्यूजन बढ़ाने वाला था। उन्होंने इसके लिए जो तर्क दिया वह किसी को गले नहीं उतर रहा क्योंकि इतनी बड़ी कार्रवाई का आधार नहीं है। (mayawati bsp)
अनेक बार आकाश आनंद की प्रतिक्रिया पढ़ने के बाद भी यह समझ में नहीं आता है कि इसमें कौन सी बात ऐसी है, जिसने मायावती को इतना नाराज कर दिया। पार्टी के जानकार सूत्रों का कहना है कि एक रणनीति के तहत मायावती ने आकाश को पार्टी से निकाला है।
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मायावती इसी बात से परेशान (mayawati bsp)
कहा जा रहा है कि उत्तराधिकारी घोषित होने के बाद आकाश की तुलना आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद से होने लगी थी। आकाश के मुकाबले चंद्रशेखर का चेहरा ज्यादा लोकप्रिय और जाना पहचाना है, जिसका फायदा उनको लोकसभा चुनाव में मिला।
मायावती इसी बात से परेशान हुईं। उनको लगा कि आकाश और चंद्रशेखर के मुकाबले में आकाश हार जाएंगे और पार्टी खत्म हो जाएगी।
बसपा की जगह आजाद समाज पार्टी आ जाएगी। लेकिन अगर मायावती के चेहरे का मुकाबले चंद्रशेखर से होगा तो मायावती अब भी ज्यादा लोकप्रिय और लोगों के लिए जानी पहचानी हैं। (mayawati bsp)
आकाश को रखते हुए मायावती अपना मुकाबला चंद्रशेखर से नहीं बनवा सकती थीं। इसलिए उन्होंने आकाश को बाहर किया और खुद कमान संभाली।
उनका मकसद निर्णायक रूप से चंद्रशेखर को पीछे छोड़ कर बसपा का वोट आधार हासिल करना है। उसके बाद आकाश को फिर से जिम्मेदारी मिल जाएगी। (mayawati bsp)
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