यह केरल का विवाद है। केरल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं और उससे पहले पार्टियों की पोजिशनिंग शुरू हो गई है। भाजपा ने सत्तारूढ़ लेफ्ट मोर्चा को छोड़ कर कांग्रेस को अटैक करने की रणनीति बनाई है। दूसरी ओर कांग्रेस भी भाजपा पर ही ज्यादा हमला कर रही है। इस राजनीति के तहत पहले कांग्रेस ने आरोप लगाया कि त्रिशूर के सांसद और केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी क्षेत्र से लापता हैं। कांग्रेस नेताओं ने उनकी तस्वीरें चारों तरफ लगवाईं और खोज कर लाने वालों के लिए इनाम का ऐलान किया। कहा गया कि वे तीन महीने से क्षेत्र में नहीं दिख रहे हैं। कांग्रेस ने एक आधिकारिक शिकायत गोपी के चुनावी हलफनामे को लेकर भी दायर की है और कहा है कि वे झूठ बोल कर त्रिशूर के मतदाता बने।
गौरतलब है कि किसी क्षेत्र का मतदाता बनने के लिए उस क्षेत्र में कम से कम छह महीने का निवास होना चाहिए। कांग्रेस का दावा है कि गोपी छह महीने से इस क्षेत्र में नहीं रह रहे थे। इसके जवाब में भाजपा की ओर से वायनाड की सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के लापता होने के पोस्टर लगाए गए हैं। भाजपा नेता दावा कर रहे हैं कि उप चुनाव के समय प्रियंका आईं और प्रचार करके फिर गायब हो गईं। उनका यह भी कहना है कि वायनाड में आई प्राकृतिक आपदा से प्रभावितों को भी देखने प्रियंका नहीं जा रही हैं। केरल भाजपा के एसटी मोर्चा के मुकुंदन कुमुंदन ने प्रियंका के खिलाप मोर्चा खोला है। उनका कहना है कि वायनाड में बड़ी आबादी एसटी है और प्रियंका उनकी खोज खबर नहीं ले रही हैं। वे तीन महीने से लापता हैं। सो, दोनों तरफ लापता नेताओं की राजनीति चल रही है।
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