पिछले कई दिनों से चर्चा चल रही है कि नरेंद्र मोदी कुछ हारे हुए नेताओं को भी केंद्र में मंत्री बना सकते हैं। सवाल है कि हारे हुए नेताओं को मंत्री बनाएंगे तो उन्हें राज्यसभा कहां से भेजेंगे? उनको छह महीने के भीतर सांसद बनाने की अनिवार्यता कैसे पूरी होगी? भाजपा की अपनी तीन राज्यसभा सीटें खाली हुई हैं। राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल लोकसभा का चुनाव जीत गए हैं तो उनकी सीट खाली हुई है और इसी तरह बिहार में राज्यसभा सांसद विवेक ठाकुर चुनाव जीत गए हैं तो उनकी सीट भी खाली हुई है। मध्य प्रदेश से जीते ज्योतिरादित्य सिंधिया की राज्यसभा सीट भी खाली हो जाएगी। ये तीन सीटें भाजपा के खाते में जाएंगी।
भाजपा को एक राज्यसभा सीट का फायदा हरियाणा में हो रहा है। कांग्रेस नेता और राज्यसभा सांसद दीपेंद्र हुड्डा लोकसभा का चुनाव जीत गए हैं। उनकी खाली हुई सीट भाजपा को मिलेगी। इसी तरह एक सीट का फायदा एनडीए को बिहार में भी हो रहा है। राजद की राज्यसभा सांसद मीसा भारती पाटलिपुत्र सीट से चुनाव जीत गई हैं। हालांकि यह सीट जदयू के खाते में जाएगी। कहा जा रहा है कि अगर उपेंद्र कुशवाहा को मंत्री बनाने का फैसला होता है तो उनको जदयू कोटे से भी राज्यसभा में भेजा जा सकता है। तब भाजपा के पास चार राज्यसभा सीटें हो जाएंगी।
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