कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने दो बार प्रेस कॉन्फ्रेंस करके कर्नाटक की दो विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची में गड़बड़ी के जरिए ‘वोट चोरी’ का आरोप लगाया था। उन्होंने पहले कहा था कि लोकसभा चुनाव के दौरान बेंगलुरू की एक लोकसभा सीट के अंदर आने वाली महादेवपुरा विधानसभा सीट पर गड़बड़ी हुई थी। बाद में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके उन्होंने अलंद विधानसभा सीट पर गड़बड़ी का आरोप लगाया है। इसके बाद कर्नाटक सरकार ने एक विशेष जांच टीम यानी एसआईटी बना कर जांच शुरू कराई। इस एसआईटी की जांच में पता चला है कि छह हजार से ज्यादा नाम काटने का जो आवेदन चुनाव आयोग की वेबसाइट पर डाला गया था उसके लिए प्रति व्यक्ति 80 रुपए का भुगतान किया गया था।
हालांकि अभी एसआईटी की रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं हुई है लेकिन उसे लेकर अब एक और खबर आई है। बताया जा रहा है कि महादेवपुरा और अलंद के अलावा कम से कम दो और विधानसभा सीटों पर मतदाता सूची से नाम काटने का प्रयास किया गया था। जांच टीम को पता चला है कि 2023 के विधानसभा चुनाव से पहले एक डाटा सेंटर से बहुत व्यवस्थित तरीके से दो और विधानसभा सीटों पर नाम काटने का आवेदन चुनाव आयोग की वेबसाइट पर डाला गया था। ये दोनों सीटें कलबुर्गी जिले में हैं। जांच से जुड़े एक अधिकारी के मुताबिक कलबुर्गी शहर की सीट पर करीब 35 हजार वोट प्रभावित करने की कोशिश हुई थी, जिनमें ज्यादातार अल्पसंख्यक थे। दिलचस्प बात यह है कि डाटा सेंटर चलाने वाले दो अल्पसंख्यक ही हैं, जिनके खाते में कहीं से पैसे ट्रांसफर हुए हैं। दोनों से पूछताछ हुई है और उनके लैपटॉप जब्त कर लिए गए हैं।
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