उत्तर प्रदेश में भारतीय जनता पार्टी के नए प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी ने शक्ति प्रदर्शन किया है। अध्यक्ष बनने के एक महीने बाद तक सामान्य ढंग से राजनीति कर रहे पंकज चौधरी शनिवार को लखनऊ से अयोध्या गए। वहां उन्होंने एक मीटिंग रखी थी। लखनऊ से अयोध्या पहुंचने में पंकज चौधरी को तीन घंटे की जगह 10 घंटे का समय लगा। रास्ते में कुल 55 जगहों पर उनका स्वागत किया गया और अयोध्या पहुंचते पहुंचते उनके काफिले में गाड़ियों की संख्या बढ़ते बढ़ते 12 हजार के करीब पहुंच गई थी। भाजपा के कई नेताओं और स्वतंत्र रूप से राजनीतिक विश्लेषण करने वालों का भी कहना है कि हाल के दिनों में इस तरह का शक्ति प्रदर्शन देखने को नहीं मिला था। भाजपा कार्यकर्ताओं की जैसी भीड़ उमड़ी वह कुछ तो तैयारी के कारण थी लेकिन ज्यादातर लोग अपने आप पहुंचे। तभी इसे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के लिए बड़ी चुनौती के तौर पर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि पंकज चौधरी कुर्मी जाति से आते हैं और केंद्र में वित्त राज्य मंत्री हैं। उनके चयन में सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि वे भी गोरखपुर जिले से आते हैं, जहां के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं। एक ही जिले से मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष दोनों बना कर पता नहीं भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने क्या मैसेज दिया है लेकिन पहले दिन से टकराव की कहानियां चल रही हैं। पिछले दिनों योगी आदित्याथनाथ दिल्ली आए थे और नरेंद्र मोदी, अमित शाह, जेपी नड्डा और नितिन नबीन चारों से मिल कर गए लेकिन अभी तक कैबिनेट में फेरबदल का फैसला नहीं हो पाया है। पिछले तीन साल से योगी आदित्यनाथ अपनी सरकार में फेरबदल नहीं कर पाए हैं और अब चुनाव एक साल रह गया है। इस बीच पंकज चौधरी का शक्ति प्रदर्शन है। क्या भाजपा इस बार चुनाव से पहले रणनीति के तहत पिछड़ा चेहरा आगे कर रही है? ध्यान रहे 2017 का चुनाव भी भाजपा ने केशव प्रसाद मौर्य के चेहरे पर जीता था। वे कोईरी जाति से आते हैं। गैर यादव पिछड़ी जातियों में कोईरी, कुर्मी और लोध सबसे अहम हैं।
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