प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ ऐसे संयोग होते रहते हैं। उनकी सभाओं में कोई बच्ची या कोई व्यक्ति उनकी तस्वीर लेकर पहुंचता है और वह आगे बैठता है फिर उसे प्रधानमंत्री से मिलवाया जाता है। उनके काफिले के आगे एंबुलेंस आ जाने और उसे रास्ता दिए जाने का संयोग भी कई बार हो चुका है। हर स्थान से उनका निजी रिश्ता निकल जाना तो सबसे कॉमन संयोग है। लेकिन यह संयोग भी बहुत बार होता है कि वे राज्यों में चुनाव से ठीक पहले राज्यों का दौरा करते हैं और कई बार तो ऐसा होता है कि वे जिस दिन आखिरी दौरा करते हैं उसके अगले ही दिन चुनाव आयोग चुनाव की तारीखों की घोषणा कर देता है।
देखिए कैसा संयोग है कि प्रधानमंत्री पिछले एक महीने से तमिलनाडु, केरल, पश्चिम बंगाल और असम के दौरे कर रहे थे। दो दिन पहले वे दो दिन के लिए असम और पश्चिम बंगाल गए। उनको 14 और 15 मार्च को असम और पश्चिम बंगाल का दौरा करना था। लेकिन उसे एक दिन पहले कर दिया गया। वे 13 और 14 को असम व बंगाल में रहे, जहां हजारों करोड़ की परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। उन्होंने कांग्रेस और ममता बनर्जी पर जम कर हमला किया। वे 14 को वहां से लौटे और 15 मार्च को चुनाव आयोग ने मतदान की तारीखों का ऐलान कर दिया। यह राज तो राज ही रहेगा कि प्रधानमंत्री का कार्यक्रम पहले बनता है और आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस बाद में तय होती है या आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस पहले तय होती है और पीएम का कार्यक्रम उसके हिसाब से बनता है। लेकिन संयोग दिलचस्प है।
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