तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और डीएमके नेता एमके स्टालिन से स्पष्ट कर दिया है कि वे कांग्रेस को 25 से ज्यादा सीट नहीं देंगें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया है कि चुनाव के बाद अगर सेकुलर प्रोग्रेसिव अलायंस की सरकार बनती है तो डीएमके को छोड़ कर किसी पार्टी का विधायक मंत्री नहीं बनेगा। यानी गठबंधन 12 से ज्यादा पार्टियों का होगा पर सरकार सिर्फ डीएमके की होगी। दूसरी ओर कांग्रेस के नेता ज्यादा सीटों की मांग भी कर रहे हैं और चुनाव के बाद सरकार में हिस्सेदारी भी चाह रहे हैं। पहले प्रदेश के नेता ऐसा चाहते थे लेकिन अब खुद राहुल गांधी ने ऐसा कहा है।
जानकार सूत्रों का कहना है कि बुधवार को डीएमके संसदीय दल की नेता कनिमोझी करुणानिधि से राहुल गांधी की मुलाकात में यह बात उठी थी। गौरतलब है कि चुनाव से पहले अलायंस को अंतिम रूप देने के लिए दिल्ली में दोनों के बीच बैठक हुई थी। इस बैठक में बताया जा रहा है कि राहुल गांधी ने कनिमोझी के सामने ज्यादा सीटों की मांग तो नहीं रखी लेकिन चुनाव के बाद सरकार में हिस्सेदारी की मांग की। उन्होंने कहा कि अगर गठबंधन जीतता है तो कांग्रेस सरकार में शामिल होना चाहती है। कनिमोझी ने इस पर कोई जवाब नहीं दिया। दोनों की इस बैठक में सीट बंटवारे को लेकर भी कोई फैसला नहीं हुआ। अगली बैठक जल्दी होने की बात कही जा रही है। राज्य में अप्रैल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं।


