कांग्रेस नेता राहुल गांधी की पहली भारत जोड़ो यात्रा का समापन जम्मू कश्मीर में हुआ था, जहां उन्होंने 30 जनवरी 2023 को रैली की थी। हालांकि रैली से पहले कश्मीर में भारी बर्फबारी और बारिश हुई थी, जिसकी वजह से कांग्रेस इसे मेगा इवेंट नहीं बना पाई थी। कांग्रेस ने उस रैली में शामिल होने के लिए सभी सहयोगी पार्टियों से आग्रह किया था। लेकिन इक्का दुक्का सहयोगी नेताओं को छोड़ कर ज्यादातर ने दूरी बनाए रखी। अब राहुल गांधी की दूसरी यात्रा, जिसे भारत जोड़ो न्याय यात्रा नाम दिया गया है इसका समापन मुंबई में होने वाला है। Bharat jodo naya yatra
तय कार्यक्रम के मुताबिक 17 मार्च को राहुल गांधी की यात्रा का समापन होगा और उस दिन मुंबई में विपक्षी गठबंधन की बड़ी रैली का आयोजन किया गया है। बताया जा रहा है कि पहले विपक्ष की साझा रैली 11 मार्च को होने वाली थी। इसे विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ की पहली साझा रैली कहा जा रहा था लेकिन उससे पहले दो मार्च को बिहार में राजद, कांग्रेस और लेफ्ट ने जन विश्वास रैली का आयोजन कर दिया।
बहरहाल, 17 मार्च को होने वाली साझा रैली के लिए कांग्रेस की ओर से सभी सहयोगी पार्टियों को न्योता भेजा जा रहा है। कांग्रेस चाहती है कि ‘इंडिया’ ब्लॉक के सारे नेता इस रैली में शामिल हों। तभी यह देखना दिलचस्प होगा कि कितनी पार्टियां इसमें शामिल होती हैं और अगर शामिल होती हैं तो उनके बड़े नेता रैली में हिस्सा लेते है या नहीं? ममता बनर्जी क्या करती हैं यह भी देखना दिलचस्प होगा।
महाराष्ट्र में कांग्रेस को दो बड़ी सहयोगी पार्टियां हैं। राहुल की पहली यात्रा के दौरान शिव सेना की ओर से आदित्य ठाकरे और एनसीपी की ओर से सुप्रिया सुले यात्रा में शामिल हुई थीं। क्या इस बार उद्धव ठाकरे और शरद पवार रैली में हिस्सा लेंगे? कम्युनिस्ट पार्टियों के नेता पटना की रैली में शामिल हुए थे। लेकिन चुनाव की घोषणा के बाद मुंबई रैली में वे शामिल होंगे या नहीं इस पर सस्पेंस है। एमके स्टालिन रैली में शामिल हो सकते हैं लेकिन अखिलेश यादव क्या करेंग यह देखना दिलचस्प होगा।
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